लोनी क्षेत्र में डेरी संचालक को गोली मारकर कार में ले जाने की सनसनीखेज घटना के बाद गाजियाबाद पुलिस के दो अधिकारियों पर गाज गिरी है। पुलिस आयुक्त ने मामले में लापरवाही और आपराधिक घटनाओं की रोकथाम में विफलता को गंभीरता से लेते हुए लोनी थाना प्रभारी और चिरौड़ी चौकी इंचार्ज को ससपेंड कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह लोनी थाना क्षेत्र के खड़खड़ी अंडरपास के नीचे गनौली गांव निवासी डेरी संचालक ओमकार को गोली मारने के बाद आरोपी कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। घटना के बाद मौके से खून के निशान, पीड़ित की बाइक, चप्पल और सात कारतूस बरामद हुए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
परिजनों का आरोप है कि घटना से पहले भी आरोपियों की ओर से परिवार को निशाना बनाया गया था। उनका कहना है कि 20 मई को डेरी संचालक के बेटे पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया गया था, जिसकी शिकायत स्थानीय पुलिस को दी गई थी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
मामले की समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि जिन लोगों पर ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं, उनका डेरी संचालक के साथ घटना से एक दिन पहले विवाद हुआ था। पीड़ित ने इस संबंध में चिरौड़ी चौकी पर शिकायत भी दर्ज कराई थी।
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि जांच में लोनी थाना प्रभारी मुकेश सोलंकी और चिरौड़ी चौकी इंचार्ज गजेंद्र सिंह की लापरवाही उजागर हुई है। शिकायतों पर समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं किए जाने और घटना के संबंध में गंभीर चूक पाए जाने पर दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से ससपेंड कर दिया गया है।
पुलिस घटना में शामिल आरोपियों की तलाश और डेरी संचालक की बरामदगी के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है।
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