वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी के सुरक्षा सहायक अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े बहुचर्चित मामले में अब 13 जुलाई को फैसला सुनाया जाएगा। कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने मंगलवार को निर्णय के लिए नई तारीख तय की। इस मामले में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 11 आरोपियों पर मुकदमा चल रहा है।
अंकित शर्मा की 25 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा के दौरान हत्या हुई थी। अगले दिन उनका शव चांदबाग के पास खजूरी खास नाले से बरामद हुआ था। पुलिस के अनुसार, मामले में हत्या, दंगा, आपराधिक साजिश और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने सहित विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं।
अदालत ने इससे पहले 11 जून को फैसला सुनाने के लिए 7 जुलाई की तारीख निर्धारित की थी, लेकिन बाद में निर्णय सुरक्षित रखते हुए 13 जुलाई को फैसला सुनाने का कार्यक्रम तय किया गया। मंगलवार को ताहिर हुसैन समेत अन्य आरोपी भी अदालत में पेश हुए।
इस बीच, अंकित शर्मा के भाई अंकुर शर्मा ने दोषियों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि उनके भाई देश की सेवा के दौरान अपनी जान गंवा बैठे और मामले में पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इस मामले में ताहिर हुसैन समेत 11 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। अभियोजन पक्ष का दावा है कि हत्या सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी, जबकि बचाव पक्ष ने सभी आरोपों से इनकार किया है। वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और अंकित शर्मा हत्याकांड उसी हिंसा से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में शामिल है।
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