राजधानी दिल्ली में नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नॉर्थ-वेस्ट जिला पुलिस की एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड ने जहांगीरपुरी क्षेत्र में संचालित एक कथित ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में चार सगे भाई-बहनों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान प्रतिबंधित नशीली गोलियां, सैकड़ों नशीले इंजेक्शन, 22 लाख रुपये से अधिक नकदी, लगभग 41 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण, 11 फ्लैटों के दस्तावेज और एक नई स्कूटी बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों पर लंबे समय से प्रतिबंधित दवाइयों और नशीले इंजेक्शनों की अवैध खरीद-फरोख्त करने का संदेह है। बरामद नकदी और संपत्तियों के स्रोत की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक जून की शुरुआत में सूचना मिली थी कि जहांगीरपुरी के डी-ब्लॉक से बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित नशीली गोलियों और इंजेक्शनों की सप्लाई की जा रही है। सूचना मिलने के बाद एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड ने कई दिनों तक गुप्त निगरानी की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी कर पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान सबसे पहले पारो और उसकी बहन उषा को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में तीसरी बहन कांता का नाम सामने आया। पुलिस ने उसके ठिकाने पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित Addnok-N टैबलेट, अविल इंजेक्शन और नकदी बरामद की। इसके बाद पूछताछ के आधार पर भाई अमित के ठिकाने पर भी छापेमारी की गई, जहां से बड़ी मात्रा में नकदी, आभूषण और अन्य संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए।
पुलिस ने एक के बाद एक चार अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। एक मकान से 1,300 प्रतिबंधित नशीली गोलियां, सैकड़ों अविल इंजेक्शन और हजारों सिरिंज बरामद हुईं। एक अन्य मकान का ताला तोड़कर तलाशी ली गई, जहां से 400 अविल इंजेक्शन, 1,880 सिरिंज और नकदी बरामद की गई। जांच एजेंसियों का कहना है कि इन स्थानों का इस्तेमाल कथित तौर पर नशीले पदार्थों के भंडारण और उनकी सप्लाई के लिए किया जाता था।
पुलिस के अनुसार अमित के घर की तलाशी में 20 लाख रुपये से अधिक नकदी, 241 ग्राम सोने के आभूषण, 2.4 किलोग्राम चांदी के जेवर और एक नई स्कूटी बरामद हुई।
इसके अलावा जांच के दौरान पारो के नाम पर 11 फ्लैटों के दस्तावेज भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार प्रत्येक फ्लैट की अनुमानित कीमत 12 से 15 लाख रुपये के बीच बताई जा रही है। फिलहाल इन संपत्तियों के अधिग्रहण और धन के स्रोत की जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि बरामद नकदी, जेवर और संपत्तियां प्रतिबंधित दवाइयों और नशीले इंजेक्शनों के अवैध कारोबार से अर्जित की गई हो सकती हैं। हालांकि इस संबंध में विस्तृत वित्तीय जांच जारी है और पुलिस सभी दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले में आर्थिक लेन-देन, बैंकिंग रिकॉर्ड और संपत्ति के दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और सप्लायरों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें सचिन उर्फ चाणक्य उर्फ कालू नामक व्यक्ति की तलाश की जा रही है। पुलिस पूरे सप्लाई नेटवर्क, वितरण तंत्र और आर्थिक लेन-देन की कड़ियों की जांच कर रही है।
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