लखनऊ, अर्पिता गुप्ता। उत्तर प्रदेश में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत 40 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य पूरा होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक भावनात्मक पाती लिखी है। इसमें उन्होंने अभियान की सफलता पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए वृक्षारोपण को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, आने वाली पीढ़ियों के प्रति उत्तरदायित्व और जनभागीदारी का अभियान बताया है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि 40 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य पूरा होना नए उत्तर प्रदेश के सामर्थ्य, जनसंकल्प और सामूहिक भागीदारी का प्रतीक है। उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ा अभियान बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से शुरू हुआ 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान आज जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है। उनके अनुसार वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 में प्रदेशवासियों की व्यापक भागीदारी ने इस अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की है।
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति संरक्षण और भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का सामूहिक प्रयास है।
अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति में वृक्षों के महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता को 'अरण्य संस्कृति' कहा जाता है क्योंकि हमारे वेद, उपनिषद और अनेक महान ग्रंथों की रचना वनों में हुई। ऋषि-मुनियों ने भी लोकमंगल के लिए वन क्षेत्रों में तप और चिंतन किया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि भारतीय शास्त्र, पुराण और परंपराएं जीवन के प्रत्येक संस्कार में वृक्षों के महत्व को स्वीकार करती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद के अनुसार प्रत्येक पौधे में औषधीय गुण मौजूद होते हैं। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने पीपल को अपना स्वरूप बताया है। इसके अलावा महाभारत और विभिन्न पुराणों में पीपल, वट, आंवला, बेल और पारिजात सहित कई वृक्षों के महत्व का वर्णन मिलता है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि वर्ष 2017 से 2023 के बीच उत्तर प्रदेश के वन एवं वृक्ष आवरण में 3.38 लाख एकड़ की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का हरित आवरण बढ़कर 9.96 प्रतिशत तक पहुंच चुका है और अब तक 280 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वृक्षारोपण को जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने बच्चों के जन्मदिन पर एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल का संकल्प लेने का आग्रह किया।
इसके साथ ही उन्होंने बेटी की विदाई के अवसर पर मायके की स्मृतियों और स्नेह के प्रतीक के रूप में एक पौधा लगाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि परिवार के शुभ अवसरों, मांगलिक आयोजनों और विशेष दिनों पर वृक्षारोपण कर प्रकृति के प्रति दायित्व निभाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधे लगाने के साथ उनका संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील करते हुए कहा कि यही पौधे आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित, सुरक्षित और समृद्ध उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव बनेंगे।
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