>देश के महान क्रांतिकारी अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की तस्वीर प्रयागराज से चलने वाली हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन में कूड़ेदान पर लगी होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद ने इसे आजादी के नायकों का अपमान बताते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया है।
>चंद्रशेखर आज़ाद ने इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर साझा कर रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्र सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं। उन्होंने साफ कहा कि यह गलती नहीं बल्कि सोच-समझकर किया गया एक घिनौना कृत्य है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
>“क्या अब क्रांतिकारियों की तस्वीरें कूड़ेदानों पर लगाई जाएंगी?”
>सांसद ने ट्वीट में लिखा, “हमसफर एक्सप्रेस (12275) के बी-5 कोच में कूड़ेदान पर अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की तस्वीर लगाना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और देश के वीर सपूतों का अपमान है। यह महज एक लापरवाही नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश जैसी है।”
>चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि यदि सरकारें और व्यवस्थाएं इतनी संवेदनहीन हो चुकी हैं, तो यह सिर्फ दुखद नहीं, बल्कि शर्मनाक भी है।
>किस ट्रेन में लगी थी विवादित तस्वीर?
>यह मामला प्रयागराज से चलने वाली हमसफर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12275) का है, जो देश की वीआईपी ट्रेनों में गिनी जाती है। ट्रेन के बी-5 कोच में लगे कूड़ेदान पर चंद्रशेखर आज़ाद की तस्वीर स्पष्ट रूप से दिख रही थी, जिसके ठीक नीचे ‘कूड़ेदान’ लिखा हुआ था।
>कार्रवाई की मांग और जनाक्रोश
>चंद्रशेखर आज़ाद ने रेलमंत्री से तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए यह भी कहा कि यदि इस तरह के मामलों को नजरअंदाज किया गया तो ये आने वाली पीढ़ियों के मन में देश के नायकों की छवि को धूमिल करेगा।
>देशभर में इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा देखा जा रहा है। कई यूज़र्स ने रेल मंत्रालय से सार्वजनिक माफी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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