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इंजीनियरिंग की पढ़ाई, 26 साल में सांसद और 38 की उम्र में मुख्यमंत्री... जानिए अखिलेश यादव के राजनीतिक सफर की पूरी कहानी

53वें जन्मदिन पर विशेष: सैफई से शुरू हुआ सफर, इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद राजनीति में कदम और उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रमुख विपक्षी चेहरे तक का सफर
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Bureau News Desk
01 Jul 2026
03:39 PM
1 min read
इंजीनियरिंग की पढ़ाई, 26 साल में सांसद और 38 की उम्र में मुख्यमंत्री... जानिए अखिलेश यादव के राजनीतिक सफर की पूरी कहानी
53वें जन्मदिन पर जानिए अखिलेश यादव के राजनीतिक सफर की पूरी कहानी - सपा प्रमुख अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
हाइलाइट्स
अखिलेश यादव आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं।
26 वर्ष की उम्र में पहली बार सांसद बने।
38 वर्ष की उम्र में उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने।
मुख्यमंत्री रहते हुए कई प्रमुख विकास परियोजनाएं शुरू हुईं या आगे बढ़ीं।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने वाले अखिलेश यादव का सफर इंजीनियरिंग की पढ़ाई से शुरू होकर देश के सबसे बड़े राज्य के सबसे युवा मुख्यमंत्री बनने तक पहुंचा। वर्तमान में वह समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में विपक्ष की राजनीति का प्रमुख चेहरा हैं।

समर्थक उन्हें विकास, बुनियादी ढांचे और युवा नेतृत्व की राजनीति से जोड़कर देखते हैं, जबकि उनके विरोधी उनके शासनकाल की नीतियों और फैसलों की आलोचना करते रहे हैं। इन अलग-अलग राजनीतिक दृष्टिकोणों के बीच वह उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे चर्चित नेताओं में शामिल हैं।

सैफई से शुरू हुई राजनीतिक विरासत: अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई गांव में हुआ। वह समाजवादी आंदोलन के प्रमुख नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के पुत्र हैं।

प्रारंभिक शिक्षा सैफई और इटावा में प्राप्त करने के बाद उन्होंने राजस्थान के धौलपुर सैनिक स्कूल से स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद कर्नाटक की जेएसएस साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी से पर्यावरण इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया। राजनीति में आने से पहले उनकी पहचान एक इंजीनियरिंग छात्र के रूप में थी, लेकिन बाद में उन्होंने सक्रिय राजनीति को अपना कार्यक्षेत्र चुना।

26 वर्ष की उम्र में संसद पहुंचे: साल 2000 में कन्नौज लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत दर्ज कर अखिलेश यादव पहली बार संसद पहुंचे। उस समय उनकी उम्र केवल 26 वर्ष थी। सांसद बनने के बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी के युवा चेहरे के रूप में अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने लगातार कई बार लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया और पार्टी संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। इसी दौरान उन्होंने प्रदेशभर में संगठन विस्तार और युवा कार्यकर्ताओं के बीच अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई।

2012 में बने उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2012 अखिलेश यादव के राजनीतिक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। उन्होंने पूरे प्रदेश में व्यापक चुनाव प्रचार किया और समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला। इसके बाद 15 मार्च 2012 को उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

महज 38 वर्ष की उम्र में मुख्यमंत्री बनकर उन्होंने उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री होने का रिकॉर्ड बनाया। उस समय उनके नेतृत्व को प्रदेश की राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव के रूप में भी देखा गया।

मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान कई प्रमुख विकास परियोजनाएं शुरू हुईं या आगे बढ़ीं। इनमें, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, लखनऊ मेट्रो परियोजना, जनेश्वर मिश्र पार्क, डायल-100 आपातकालीन सेवा, 1090 महिला पावर लाइन, 108 एम्बुलेंस सेवा का विस्तार, छात्रों के लिए मुफ्त लैपटॉप वितरण योजना जैसी परियोजनाएं प्रमुख रहीं।

इन योजनाओं को उस समय सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचे और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया था। वहीं विपक्ष ने विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन, लागत और प्रभाव को लेकर समय-समय पर सवाल भी उठाए।

राजनीतिक जीवन के साथ-साथ अखिलेश यादव का निजी जीवन भी सार्वजनिक चर्चा का विषय रहा है। उन्होंने 24 नवंबर 1999 को डिंपल यादव से विवाह किया। डिंपल यादव भी सक्रिय राजनीति में हैं और कई बार लोकसभा का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। दोनों के तीन बच्चे हैं। अखिलेश यादव को अपेक्षाकृत शांत स्वभाव, सरल सार्वजनिक छवि और शाकाहारी जीवनशैली के लिए भी जाना जाता है।

साल 2022 में मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के निर्विवाद शीर्ष नेता के रूप में उभरे। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं और राज्य की राजनीति में प्रमुख विपक्षी भूमिका निभा रहे हैं। हाल के वर्षों में उन्होंने 'पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक)' के राजनीतिक नारे के साथ सामाजिक न्याय, संविधान और आरक्षण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।

अखिलेश यादव के 53वें जन्मदिन के अवसर पर समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में रक्तदान शिविर, पौधरोपण, गरीबों को भोजन वितरण और अन्य सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी समर्थक, पार्टी पदाधिकारी और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी जा रही हैं।

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