राजीव कृष्ण, आईपीएस (1991 बैच) उत्तर प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किए गए

News Desk 31 May 2025, 08:42 AM 1 min read
राजीव कृष्ण, आईपीएस (1991 बैच) उत्तर प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किए गए


>प्रशांत कुमार को नहीं मिला सेवा विस्तार, राजीव कृष्ण यूपी के नए DGP


>उत्तर प्रदेश को अपना नया पुलिस मुखिया मिल गया है दरअसल आज यानी 31 मई को यूपी DGP के पद पर तैनात IPS प्रशांत कुमार सेवानिवृत्त हो गए, अटकलें लगाई जा रही थीं कि प्रशांत कुमार को सेवा विस्तार मिल सकेगा लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका है।


>यूपी के अगले DGP के रूप में वरिष्ठ IPS अधिकारी राजीव कृष्णा को DG पद की जिम्मेदारी दी गई, राजीव कृष्णा 1991 बैच के IPS अधिकारी है और अब यूपी के नए पुलिस महानिदेशक के रूप में कार्यभार ग्रहण करेंगे


>राजीव कृष्ण मथुरा, इटावा, आगरा, नोएडा और लखनऊ में एसपी/एसएसपी  जैसे चुनौतीपूर्ण पदों पर कार्य किया। वह यूपी एटीएस (एंटी टेरर स्क्वाड) के संस्थापक प्रमुख थे। इसके अलावा, उन्होंने बीएसएफ में आईजी ऑपरेशंस के रूप में कार्य किया, जहां वे 4 वर्षों तक भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमा पर सभी अभियानों के लिए जिम्मेदार थे।


>कौन है IPS राजीव कृष्णा:


>आईपीएस राजीव कृष्णा एक 1991 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वह वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष हैं और विजिलेंस निदेशक के रूप में भी कार्य कर रहे हैं, उनसे पहले, वे डीजी विजिलेंस के रूप में कार्य कर चुके हैं।


>बीहड़ में काम के साथ साथ स्मार्ट पुलिसिंग के लिए जाने जाते है राजीव कृष्ण:


>राजीव कृष्ण की चर्चा आगरा में वर्ष 2004 में बतौर एसएसपी तैनाती को लेकर खूब होती है,आगरा एसएसपी के तौर पर उन्होंने अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया था। बीहड़ में सक्रिय अपहरण गिरोहों के खिलाफ राजीव कृष्ण ने प्रभावी कार्रवाई की थी।


>हाईटेक पुलिस के लिए जाने जाते है नवनियुक्त DGP: 


>एडीजी आगरा से ही वे डीजी विजिलेंस पर पिछले साल तैनात किए गए थे, उन्हें हाईटेक पुलिसिंग के लिए जाना जाता है, जानकारी के मुताबिक एडीजी रहते हुए उन्होंने आपरेशन पहचान एप के माध्यम से अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाया। महिला बीट, एंटी रोमियो स्क्वाड की ऑनलाइन मॉनिटरिंग का सिस्टम को भी इस साफ्टवेयर में रखा।


>ऑनलाइन रिकॉर्ड रही उनकी सकारात्मक सोच का परिणाम:


>बताते चले, ई-मालखाने से मुकदमों का ऑनलाइन रिकॉर्ड तक उनके अलग सोच का परिणाम रही है। साइबर अपराध के क्षेत्र में भी राजीव कृष्ण ने बड़ा अभियान चलाया। उनके स्तर पर पुलिस को प्रशिक्षित करने से लेकर लोगों को भी जागरूकता का अभियान चलाया।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?