तीन साल का इंतजार, बार-बार आश्वासन… आखिर क्यों सड़क पर उतरने को मजबूर हुए अभ्यर्थी?

PET 2022 के तहत ग्राम पंचायत अधिकारी और जूनियर असिस्टेंट भर्ती का परिणाम जारी न होने पर लखनऊ स्थित UPSSSC कार्यालय के बाहर सैकड़ों अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी।
Bureau 22 Jun 2026, 12:09 PM 1 min read
तीन साल का इंतजार, बार-बार आश्वासन… आखिर क्यों सड़क पर उतरने को मजबूर हुए अभ्यर्थी?

 

हाथों में बैनर-पोस्टर और आंखों में नौकरी की उम्मीद। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए सैकड़ों युवा एक बार फिर राजधानी लखनऊ में UPSSSC कार्यालय के बाहर जुटे हैं। इन युवाओं का कहना है कि संघर्ष नया नहीं है। कई बार प्रदर्शन हो चुके हैं, अधिकारियों से मुलाकात भी हुई, आश्वासन भी मिला, लेकिन तीन साल से जिस परिणाम का इंतजार है, वह अब तक जारी नहीं हो सका।

 

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प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि PET 2022 के आधार पर निकली भर्तियों के परिणाम अब तक घोषित नहीं किए गए हैं। इनमें 1468 पदों पर ग्राम पंचायत अधिकारी और 5512/5369 पदों पर जूनियर असिस्टेंट भर्ती शामिल है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से परिणाम का इंतजार कर रहे हजारों उम्मीदवारों के सामने अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।

 

प्रदर्शन में शामिल युवाओं के मुताबिक, वे प्रदेश के विभिन्न जिलों से बार-बार लखनऊ पहुंचते हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों की ओर से उन्हें आश्वासन जरूर मिलता है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया पूरी होने की दिशा में अब तक कोई अंतिम परिणाम सामने नहीं आया है। यही वजह है कि समय बीतने के साथ उनका आंदोलन भी लगातार जारी है।

 

तीन साल से अधिक समय बीतने के बाद भी परिणाम जारी न होने से उम्मीदवारों के बीच चिंता बढ़ रही है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारण उनके भविष्य और रोजगार की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इसी वजह से वे लगातार अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं।

 

प्रदर्शन में शामिल युवाओं का कहना है कि यह सिर्फ कुछ लोगों का आंदोलन नहीं है। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से अभ्यर्थी लगातार लखनऊ पहुंच रहे हैं और अपनी मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।

 

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