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सालों से बसों में ड्यूटी, फिर भी नहीं मिला हक... अब आउटसोर्स परिचालकों ने निगम प्रबंधन के सामने रखीं बड़ी मांगें

नियमितीकरण, 'समान कार्य-समान वेतन', समय पर मानदेय, ईपीएफ-ईएसआई और ठेका प्रथा समाप्त करने सहित कई मांगों को लेकर परिवहन निगम मुख्यालय में सौंपा गया ज्ञापन, कार्रवाई नहीं होने पर आगे की रणनीति बनाने की चेतावनी।
Bureau
Bureau News Desk
31 Jul 2026
06:02 PM
1 min read
सालों से बसों में ड्यूटी, फिर भी नहीं मिला हक... अब आउटसोर्स परिचालकों ने निगम प्रबंधन के सामने रखीं बड़ी मांगें
हाइलाइट्स
यूपीएसआरटीसी के आउटसोर्स परिचालकों ने निगम मुख्यालय में ज्ञापन सौंपा।
नियमितीकरण और 'समान कार्य-समान वेतन' लागू करने की मांग उठाई।
ठेका प्रथा समाप्त कर सीधे निगम के अधीन नियुक्ति की मांग।
समय पर मानदेय, ईपीएफ-ईएसआई और पारदर्शी ड्यूटी व्यवस्था की मांग।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) में कार्यरत आउटसोर्स परिचालकों ने अपनी विभिन्न सेवा संबंधी मांगों को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद की है। नियमितीकरण, 'समान कार्य-समान वेतन' और ठेका प्रथा समाप्त करने जैसी मांगों को लेकर परिचालकों ने निगम मुख्यालय पहुंचकर प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से निगम की बसों में जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं और अधिकार अब तक नहीं मिल सके हैं।

ज्ञापन में आउटसोर्स परिचालकों ने कहा कि वे लंबे समय से परिवहन निगम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन सेवा शर्तों और वेतन के मामले में उन्हें नियमित कर्मचारियों के बराबर लाभ नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने ठेका व्यवस्था समाप्त कर सीधे निगम के अधीन नियमित नियुक्ति देने तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप 'समान कार्य के लिए समान वेतन' के सिद्धांत को लागू करने की मांग की है।

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परिचालकों ने यह भी मांग उठाई कि प्रत्येक माह समयबद्ध तरीके से मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही ईपीएफ और ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए ताकि कर्मचारियों और उनके परिवारों को आवश्यक सुरक्षा मिल सके।

ज्ञापन में परिचालकों ने गृह जनपद अथवा उसके निकट स्थित डिपो में तैनाती को प्राथमिकता देने की मांग की। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों पर आर्थिक और पारिवारिक दबाव कम होगा। साथ ही ड्यूटी आवंटन की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और महिला एवं पुरुष कर्मचारियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।

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परिचालकों ने ज्ञापन में कहा कि अनियमित मानदेय और सीमित सुविधाओं के कारण कई कर्मचारियों के परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने प्रबंधन से कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया।

आउटसोर्स परिचालकों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे आगे की रणनीति तय करने के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल परिवहन निगम प्रबंधन की ओर से ज्ञापन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।

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