यूपी सरकार ने बदले नियम: अब 7 मीटर सड़क पर भी बन सकेंगे निजी औद्योगिक पार्क

UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने निजी औद्योगिक पार्कों के लिए नियमों में संशोधन किया है। अब 7 मीटर चौड़ी सड़कों पर भी ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी के उद्योग स्थापित हो सकेंगे। अधिसूचित क्षेत्रों में 25% विकास शुल्क और आंतरिक विकास पर प्रोत्साहन राशि का प्रावधान।
News Desk 26 Nov 2025, 01:07 PM 1 min read
यूपी सरकार ने बदले नियम: अब 7 मीटर सड़क पर भी बन सकेंगे निजी औद्योगिक पार्क


>उत्तर प्रदेश सरकार ने निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्कों की स्थापना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्लेज-निजी औद्योगिक पार्क योजना में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। नए प्रावधानों के तहत अब सात मीटर चौड़ी सड़कों पर भी ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी के उद्योग स्थापित किए जा सकेंगे। इसके साथ ही अधिसूचित क्षेत्रों में विकास शुल्क और आंतरिक विकास के लिए प्रोत्साहन राशि से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है।


>जारी अधिसूचना के अनुसार, पहले निजी औद्योगिक पार्कों के लिए 12 मीटर चौड़ी सड़क का प्रावधान था, जिसे संशोधित करते हुए 7 मीटर कर दिया गया है। हालांकि, इन पार्कों में केवल प्रदूषण रहित ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी के उद्योग ही स्थापित किए जा सकेंगे। साथ ही सड़क के किनारे 1.5 मीटर चौड़ा फुटपाथ अनिवार्य होगा।


>नई व्यवस्था के तहत 12 मीटर चौड़ी सड़क वाले क्षेत्रों में पूर्ववत ही सभी श्रेणी के उद्योगों को अनुमति दी जाएगी। अधिसूचित क्षेत्रों में स्थित निजी औद्योगिक पार्कों पर 25% विकास शुल्क लागू होगा, जबकि अधिसूचित क्षेत्रों से बाहर यह शुल्क नहीं लिया जाएगा।


>नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अधिसूचित क्षेत्रों में पार्कों के नक्शे संबंधित विकास प्राधिकरण द्वारा पास किए जाएंगे, जबकि बाहरी क्षेत्रों में यह जिम्मेदारी उद्योग विभाग के निदेशक या उनके नामित अधिकारी की होगी।


>स्टांप शुल्क के लिए औद्योगिक पार्क को एक इकाई के रूप में माना जाएगा और जिलाधिकारी द्वारा मूल्यांकन के आधार पर शुल्क निर्धारित होगा। साथ ही 10 से 50 एकड़ के निजी औद्योगिक पार्कों को आंतरिक विकास के लिए प्रति एकड़ 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराई जाएगी।


>अधिसूचना के अनुसार, औद्योगिक पार्क की 10% भूमि पर होटल, रेस्टोरेंट, जलपान गृह, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन, पेट्रोल-डीजल-सीएनजी पंप, बैंक, चिकित्सालय, कौशल विकास केंद्र और जनसुविधा केंद्र जैसी सुविधाओं का विकास अनिवार्य होगा।


>औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि संशोधन का उद्देश्य राज्य में निजी औद्योगिक निवेश को और अधिक सुगम बनाना है। उन्होंने बताया, छोटे मार्गों पर भी प्रदूषण रहित उद्योगों को अनुमति देने से निवेशकों को नए अवसर मिलेंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।

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