>उत्तर प्रदेश में सड़क, पुल और सरकारी भवनों के निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। लोक निर्माण विभाग ने टेंडर प्रक्रिया में सस्ती बोली को रोकने और निर्माण की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए नई नीति तैयार की है, जिसे जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी मिलने वाली है। इस नई व्यवस्था में विभागीय लागत से अत्यधिक कम दर पर बोली लगाने वाले ठेकेदारों को अब परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के रूप में भारी धनराशि जमा करनी होगी।
>सरकार का मानना है कि कम दर पर ठेका लेने वाले अक्सर गुणवत्ता से समझौता करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप समय से पहले सड़कें खराब होती हैं और निर्माण की आयु कम हो जाती है। नई नीति का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण, टिकाऊ और पारदर्शी निर्माण प्रणाली को बढ़ावा देना है।
>क्या बदलेगा नया नियम?
| विभागीय लागत से कम बोली | जमा करनी होगी अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी |
|---|---|
| 0% – 10% तक कम | नहीं लगेगी कोई अतिरिक्त सिक्योरिटी |
| 10 – 15% कम | अंतर का 50% जमा करना होगा |
| 15 – 20% कम | अंतर का 100% जमा करना होगा |
| 20% से अधिक कम | अंतर का 150% जमा करना होगा |
>इसके अलावा ठेकेदारों को पहले की तरह ही एफडी/एनएससी के रूप में निर्धारित सुरक्षा राशि भी देनी होगी।
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