एमएसपी से किसानों को मिलेगा लाभ, पारदर्शी व्यवस्था हमारी प्राथमिकता: बोले सूर्य प्रताप शाही

रबी सीजन 2026-27 के लिए सरकार की रणनीति तैयार; डीबीटी और डिजिटल सिस्टम से पारदर्शी खरीद पर जोर
Bureau 31 Mar 2026, 07:21 PM 1 min read
एमएसपी से किसानों को मिलेगा लाभ, पारदर्शी व्यवस्था हमारी प्राथमिकता: बोले सूर्य प्रताप शाही

 

उत्तर प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन और तिलहन की खरीद 7 अप्रैल से शुरू होगी। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि यह खरीद 30 जून तक चलेगी और किसानों को सीधे बैंक खातों में भुगतान किया जाएगा।

 


लोक भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि चना, मसूर और सरसों की खरीद निर्धारित तिथि के अनुसार कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बार खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है, जिसमें आधार-सक्षम पीओएस मशीनों के जरिए किसानों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी और भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में भेजा जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है। एमएसपी पर खरीद की यह व्यवस्था किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

 

एमएसपी दरें और बढ़ोतरी: कृषि मंत्री ने बताया कि चने का एमएसपी 5875 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर का 7000 रुपये, सरसों का 6200 रुपये और अरहर का 8000 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। पिछले वर्ष की तुलना में चने पर 225 रुपये, मसूर पर 300 रुपये और सरसों पर 250 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है, जिससे किसानों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

 

खरीद लक्ष्य और नेटवर्क: राज्य सरकार ने चने के लिए 2.24 लाख मीट्रिक टन, मसूर के लिए 6.77 लाख मीट्रिक टन और सरसों के लिए 5.30 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य तय किया है। खरीद प्रक्रिया को व्यापक बनाने के लिए केंद्र की एजेंसियां NAFED और NCCF के साथ राज्य की एजेंसियां यूपीपीसीयू, यूपीपीसीएफ, जैफेड और यूपीएसएस को भी शामिल किया गया है।

 

पारदर्शी भुगतान व्यवस्था: मंत्री ने बताया कि सभी क्रय केंद्रों पर डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है, जिससे गड़बड़ी की संभावना कम होगी। किसानों को उपज का भुगतान सीधे उनके आधार-लिंक्ड बैंक खातों में डीबीटी के जरिए किया जाएगा, जिससे भुगतान में देरी नहीं होगी।

 

कृषि क्षेत्र की उपलब्धियां: कृषि मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में कृषि विभाग द्वारा करीब 5700 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं पर खर्च किए गए, जो अब तक का रिकॉर्ड है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधारात्मक प्रावधानों के चलते राज्य को 303 करोड़ रुपये की बचत हुई है।

 

बीज वितरण और उत्पादन: प्रदेश में 11.25 लाख किसानों को 50 फीसदी अनुदान पर बीज उपलब्ध कराया गया, जबकि 12.73 लाख किसानों को मुफ्त बीज वितरित किए गए। जायद फसलों के लिए 31,950 क्विंटल बीज उपलब्ध कराया गया है, जिसमें मूंगफली, उड़द और मूंग शामिल हैं।

 

उर्वरक उपलब्धता: राज्य में कुल 25.41 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध बताया गया है, जिसमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और पोटाश शामिल हैं। सरकार के अनुसार 75 जिलों में उर्वरकों की आपूर्ति संतुलित रूप से की जा रही है और किसी भी जिले में कमी नहीं है।

 


कृषि मंत्री ने बताया कि एमएसपी पर दलहन-तिलहन की खरीद किसानों के लिए सुरक्षा कवच की तरह है। पारदर्शी व्यवस्था के जरिए उन्हें सीधे लाभ पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया की भारत रत्न चौधरी चरण सिंह सीड पार्क की स्थापना के लिए 50.84 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके साथ ही लगभग दो करोड़ किसानों ने फॉर्मर रजिस्ट्री करा ली है और शेष किसानों से 15 मई तक रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की गई है।

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