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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में प्रशासनिक समन्वय और संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखते हुए मंत्रियों के प्रभार वाले जनपदों की नई सूची जारी की है। हाल ही में मंत्रिमंडल में नए चेहरों के शामिल होने के बाद कई वरिष्ठ मंत्रियों के जिलों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है, जबकि कुछ नए मंत्रियों को पहली बार महत्वपूर्ण जिलों का प्रभार सौंपा गया है। नई सूची में प्रदेश के कई राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से महत्वपूर्ण जिलों की जिम्मेदारियां पुनर्निर्धारित की गई हैं। सरकार के इस फैसले को राज्य प्रशासन और संगठनात्मक गतिविधियों के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कई वरिष्ठ मंत्रियों को मिली नई जिम्मेदारियां: जारी सूची के अनुसार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी को आगरा और कासगंज का प्रभार सौंपा गया है। वहीं हाल ही में मंत्रिमंडल में शामिल हुए मनोज पांडे को सीतापुर का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा अजीत पाल को फतेहपुर, समेन्द्र तोमर को मुजफ्फरनगर, सुरेंद्र दिलेर को बुलंदशहर तथा हंसराज विश्वकर्मा को सोनभद्र जिले का प्रभार दिया गया है। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जाने वाले कई जिलों की जिम्मेदारियां भी वरिष्ठ मंत्रियों को सौंपी गई हैं।
इन कैबिनेट मंत्रियों को मिली अहम जिलों की जिम्मेदारी
नई सूची के अनुसार:
- सुरेश कुमार खन्ना को वाराणसी और लखनऊ
- सूर्य प्रताप शाही को अयोध्या और बस्ती
- स्वतंत्र देव सिंह को प्रयागराज और गोरखपुर
- बेबी रानी मौर्य को इटावा और हाथरस
- लक्ष्मी नारायण चौधरी को अलीगढ़ और फिरोजाबाद
- जयवीर सिंह को झांसी और फर्रुखाबाद
- धर्मपाल सिंह को गाजियाबाद और रामपुर
- नन्द गोपाल गुप्ता 'नन्दी' को मिर्जापुर और चित्रकूट
- अनिल राजभर को आजमगढ़ और सिद्धार्थनगर
- राकेश सचान को रायबरेली और कन्नौज
- अरविंद कुमार शर्मा को जौनपुर और भदोही
- योगेंद्र उपाध्याय को कानपुर नगर
- आशीष पटेल को गोंडा
- संजय निषाद को कानपुर देहात
- ओम प्रकाश राजभर को अंबेडकरनगर
- दारा सिंह चौहान को कुशीनगर और श्रावस्ती
- सुनील कुमार शर्मा को सहारनपुर
- अनिल कुमार को मुरादाबाद का प्रभार दिया गया है।
स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों को भी मिली जिम्मेदारी: राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रेणी में भी कई महत्वपूर्ण जिलों का आवंटन किया गया है। नितिन अग्रवाल को लखीमपुर खीरी, कपिल देव अग्रवाल को बिजनौर, रविन्द्र जायसवाल को गाजीपुर, संदीप सिंह को मथुरा और गुलाब देवी को अमरोहा का प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा असीम अरुण को हरदोई और मेरठ, जेपीएस राठौर को संभल और बरेली, दयाशंकर सिंह को देवरिया और मऊ, दिनेश प्रताप सिंह को बांदा और बहराइच, जबकि दयाशंकर मिश्र 'दयालु' को बलिया और महराजगंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्य मंत्रियों के प्रभार में भी बदलाव: राज्यमंत्री स्तर पर भी कई जिलों के प्रभार तय किए गए हैं। मयंकेश्वर शरण सिंह को प्रतापगढ़, दिनेश खटीक को शामली, संजीव गोंड को चंदौली, बलदेव सिंह ओलख को पीलीभीत और जसवंत सिंह सैनी को बागपत का प्रभार मिला है। इसके अलावा रामकेश निषाद को हमीरपुर, मनोहर लाल मन्नू कोरी को महोबा, संजय सिंह गंगवार को जालौन, बृजेश सिंह को गौतमबुद्धनगर, केपी मलिक को हापुड़ और सुरेश राही को बाराबंकी की जिम्मेदारी दी गई है। प्रतिभा शुक्ला को अमेठी, राकेश राठौर गुरु को औरैया, रजनी तिवारी को उन्नाव, सतीश चंद्र शर्मा को बलरामपुर, दानिश आजाद अंसारी को ललितपुर, विजय लक्ष्मी गौतम को संतकबीरनगर, कृष्णा पासवान को कौशांबी तथा कैलाश सिंह राजपूत को एटा का प्रभार सौंपा गया है।
प्रशासनिक समन्वय में प्रभारी मंत्रियों की भूमिका अहम: उत्तर प्रदेश में प्रभारी मंत्री अपने-अपने जिलों में सरकार और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने का कार्य करते हैं। विकास परियोजनाओं की समीक्षा, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी तथा विभिन्न विभागों के बीच तालमेल सुनिश्चित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रभारी मंत्री समय-समय पर जिलों का दौरा कर विकास कार्यों की समीक्षा करते हैं और स्थानीय प्रशासन के साथ बैठकों में हिस्सा लेते हैं।
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