नई दिल्ली में आयोजित ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश ने हरित, आधुनिक और तकनीक-आधारित परिवहन मॉडल की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। उत्तर प्रदेश एसटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने राज्य के सतत मोबिलिटी, सुदृढ़ लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और भविष्य उन्मुख अवसंरचना के व्यापक विजन को प्रस्तुत किया।
इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव: एक्सेलेरेटिंग टुवर्ड्स द फ्यूचर ऑफ सस्टेनेबल एंड ग्रीन मोबिलिटी’ का शुभारंभ मंगलवार को नई दिल्ली में हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने किया। इस दौरान ऑटोमोबाइल, रेलवे, मरीन, एविएशन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, जैव ईंधन, शहरी परिवहन और ऊर्जा संक्रमण जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए, जिनमें देशभर के नीति-निर्माता, उद्योग प्रतिनिधि और निवेशक शामिल हुए।
एसटीसी के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने राज्य में विकसित हो रहे हरित परिवहन मॉडल, स्वच्छ ऊर्जा आधारित मोबिलिटी, आधुनिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और भविष्य उन्मुख अवसंरचना विकास की विस्तृत रूपरेखा पेश की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से आर्थिक प्रगति के केंद्र के रूप में उभर रहा है और इसके लिए परिवहन व्यवस्था का हरित, सुरक्षित और तकनीक-सक्षम होना आवश्यक है।
राज्य में एक्सप्रेस-वे विकास को परिवहन सुधार का प्रमुख आधार बताया गया। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाओं के जरिए प्रदेश में तेज और सुगम संपर्क व्यवस्था विकसित की जा रही है। इन परियोजनाओं से यात्रा समय में कमी, ईंधन की बचत, औद्योगिक निवेश में वृद्धि और माल परिवहन की दक्षता में सुधार दर्ज किया गया है।
प्रस्तुति में बताया गया कि राज्य सरकार मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रिक वाहनों, ई-बसों और चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके साथ ही एथेनॉल, बायोगैस, सीबीजी और कृषि अपशिष्ट आधारित ऊर्जा को बढ़ावा देकर परिवहन क्षेत्र को पर्यावरण अनुकूल बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मनोज कुमार सिंह ने कहा कि एआई, स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन, डिजिटल टोलिंग और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग भविष्य के परिवहन को नई दिशा देगा।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इन नवाचारों को अपनाकर नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और कुशल परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मनोज कुमार सिंह के अनुसार, हरित परिवहन, कुशल लॉजिस्टिक्स और सतत अवसंरचना ‘विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ तथा ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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