उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी और राज्य सरकार पर कटाक्ष किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “दिल्ली से पर्ची आ गई है क्या?”
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में योगी सरकार के संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर तंज कसते हुए लिखा कि “सुना है यूपी में कैबिनेट का विस्तार हो रहा है या यूँ कहें कि मुख्यमंत्री जी की शक्ति का ‘कटाव-झटाव’ हो रहा है। जिनका मंत्रिमंडल है उनसे भी तो कोई पूछ ले।” उन्होंने आगे कहा कि उनकी मांग है कि मंत्रिमंडल विस्तार में महिलाओं को आरक्षण दिया जाए।
सपा प्रमुख ने अपने बयान में राजनीतिक व्यंग्य का इस्तेमाल करते हुए कहा कि “‘अगल-बगल’ की जोड़ी का कुछ हला-भला होगा या फिर वो ‘अगले-बगले’ ही झांकते रह जाएंगे या सिर्फ रील बनाते।” अखिलेश यादव के इस बयान को बीजेपी और सरकार पर राजनीतिक हमला माना जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तर प्रदेश में योगी सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार रविवार 10 मई 2026 को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे हो सकता है। हालांकि सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से विस्तृत सूची जारी नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में संभावित नामों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। बताया जा रहा है कि इस विस्तार में छह नए मंत्री शपथ ले सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, संभावित मंत्रियों में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडेय, कृष्णा पासवान और सुरेन्द्र दिलेर के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। इसके अलावा हंसराज विश्वकर्मा और आशा मौर्य को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है। राज्य सरकार के मौजूदा मंत्रिमंडल में फिलहाल 54 मंत्री शामिल हैं, जबकि संवैधानिक सीमा के अनुसार छह पद रिक्त बताए जा रहे हैं। संभावित विस्तार के बाद मंत्रियों की कुल संख्या 60 तक पहुंच सकती है।
इसी बीच मुख्यमंत्री Yogi Adityanath शनिवार शाम लोकभवन पहुंचे और उन्होंने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। इस मुलाकात को भी प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
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