उत्तर प्रदेश विधानसभा के एकदिवसीय विशेष सत्र से पहले गुरुवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने महिला आरक्षण को लेकर विधान भवन परिसर में प्रदर्शन किया। सपा नेताओं ने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण कानून को तत्काल लागू करने की मांग उठाई और इसे आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में लागू करने की बात कही।
विशेष सत्र शुरू होने से पहले सपा विधायक विधान भवन परिसर में स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने एकत्र हुए और विरोध दर्ज कराया। इसके बाद पार्टी के सदस्य विधान भवन के मुख्य गेट के बाहर सड़क पर भी प्रदर्शन करते नजर आए। प्रदर्शन के दौरान विधायकों के हाथों में ‘33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करो’ लिखे बैनर और पोस्टर दिखाई दिए।
सपा विधायक संग्राम सिंह यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी महिला आरक्षण के मुद्दे पर जनता को भ्रमित कर रही है। उनका आरोप था कि सरकार इस कानून को लागू करने में देरी कर रही है और परिसीमन के जरिए इसे टालने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा हमेशा महिलाओं के अधिकारों के पक्ष में रही है और पार्टी नेतृत्व ने लगातार इस मुद्दे को उठाया है।
प्रदर्शन में शामिल सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को अब तक लागू नहीं किया गया है। उन्होंने मांग की कि उत्तर प्रदेश का 2027 विधानसभा चुनाव इसी कानून के अनुरूप कराया जाए। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने भी कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के समर्थन में है और संसद द्वारा पारित कानून को लागू करने में देरी पर सवाल उठाए। सपा विधायक कमाल अख्तर ने भी इसी मुद्दे पर सरकार की मंशा पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि जब कानून पारित हो चुका है तो इसके क्रियान्वयन में देरी क्यों हो रही है।
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