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यूपी में 36 सड़क परियोजनाओं को 3095 करोड़ की मंजूरी, इन जिलों को मिलेगा फायदा

10 और 17 सितंबर की बैठकों में सीतापुर, सोनभद्र, गोंडा, देवरिया, वाराणसी समेत कई जिलों की सड़क परियोजनाओं को वित्तीय मंजूरी मिली।
Bureau
Bureau News Desk
18 Sep 2026
06:36 PM
1 min read
यूपी में 36 सड़क परियोजनाओं को 3095 करोड़ की मंजूरी, इन जिलों को मिलेगा फायदा
हाइलाइट्स
उत्तर प्रदेश में 36 सड़क परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति मिली है।
इन परियोजनाओं के लिए 3095 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी गई है।
10 सितंबर की बैठक में 21 और 17 सितंबर की बैठक में 15 सड़क परियोजनाएं स्वीकृत हुईं।
परियोजनाओं की लागत 25 करोड़ से 665 करोड़ रुपये तक है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क निर्माण से जुड़ी 36 परियोजनाओं के लिए 3095 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। यह मंजूरी अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की दो बैठकों में दी गई। इन परियोजनाओं के तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सड़क निर्माण कराया जाना है।

लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी अब स्वीकृत परियोजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहा है। स्वीकृत सड़क परियोजनाओं की लागत अलग-अलग है। इनकी लागत 25 करोड़ रुपये से लेकर 665 करोड़ रुपये तक बताई गई है। विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आने के बीच प्रदेश में सड़क निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में सड़क की स्थिति और निर्माण कार्यों को लेकर जनप्रतिनिधियों की ओर से भी शीघ्र काम कराने की मांग की जा रही है।

व्यय वित्त समिति की 10 सितंबर को हुई बैठक में पीडब्ल्यूडी की 21 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं में प्रदेश के कई जिलों की सड़कें शामिल हैं। इन 21 परियोजनाओं में सीतापुर की दो, मीरजापुर की एक, देवरिया की दो, महाराजगंज की एक, सोनभद्र की पांच, बांदा की एक, वाराणसी की एक, चित्रकूट की दो, झांसी की एक, लखनऊ की दो, लखीमपुर खीरी की एक और संभल जिले की एक सड़क परियोजना शामिल है। इसके बाद 17 सितंबर को हुई व्यय वित्त समिति की बैठक में 15 और सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। इनमें गोरखपुर की तीन, गोंडा की छह, एटा की एक, सीतापुर की एक, सोनभद्र की एक, देवरिया की एक और वाराणसी जिले की दो सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। इस तरह दोनों बैठकों में कुल 36 सड़क परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति मिली।

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स्वीकृत परियोजनाओं में प्रदेश के पूर्वी, पश्चिमी और मध्य हिस्सों के कई जिले शामिल हैं। 10 सितंबर की बैठक में सीतापुर, मीरजापुर, देवरिया, महाराजगंज, सोनभद्र, बांदा, वाराणसी, चित्रकूट, झांसी, लखनऊ, लखीमपुर खीरी और संभल की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। 17 सितंबर की बैठक में गोरखपुर, गोंडा, एटा, सीतापुर, सोनभद्र, देवरिया और वाराणसी की परियोजनाओं को स्वीकृति मिली। गोंडा में छह सड़क परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जबकि सोनभद्र में अलग-अलग बैठकों के दौरान कुल छह परियोजनाओं को मंजूरी मिली। सीतापुर में तीन और देवरिया में तीन परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति दी गई। वाराणसी में भी दोनों बैठकों को मिलाकर तीन सड़क परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं।

व्यय वित्त समिति से स्वीकृत सड़क परियोजनाओं की लागत में काफी अंतर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं की लागत 25 करोड़ रुपये से 665 करोड़ रुपये तक है। इनमें 200 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं के लिए अगली प्रक्रिया के तहत उन्हें कैबिनेट के समक्ष स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। यानी व्यय वित्त समिति की मंजूरी के बाद निर्धारित लागत सीमा से अधिक वाली परियोजनाओं को कैबिनेट स्तर पर भी मंजूरी की प्रक्रिया से गुजरना होगा।

सड़क परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग इनके निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और संबंधित औपचारिकताएं पूरी होने के बाद परियोजनाओं पर निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। प्रदान की गई जानकारी में प्रत्येक सड़क परियोजना की लंबाई, निर्माण की समयसीमा और प्रत्येक जिले में परियोजना की अलग-अलग लागत का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन पहलुओं के बारे में अतिरिक्त जानकारी इस रिपोर्ट में शामिल नहीं की गई है।

10 सितंबर की बैठक में केवल सड़क परियोजनाओं को ही वित्तीय स्वीकृति नहीं मिली। बैठक में पशु चिकित्सा सुविधाओं से संबंधित निर्माण कार्यों को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत मेडिसिन स्टोर और कूलिंग रूम सहित चार पशु चिकित्सालयों के निर्माण की परियोजना को वित्तीय स्वीकृति दी गई। इसके अलावा एक ब्लॉक स्तरीय पशु चिकित्सालय और एक प्राथमिक पशु चिकित्सालय के निर्माण की परियोजना को भी मंजूरी मिली। इन परियोजनाओं का उद्देश्य संबंधित क्षेत्रों में पशु चिकित्सा से जुड़े बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है।

व्यय वित्त समिति की बैठक में फर्रूखाबाद में जिला ग्राम्य विकास संस्थान के आवासीय और अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए भी वित्तीय स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही मथुरा और सोनभद्र में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के निर्माण की परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली है। इस प्रकार बैठक में सड़क के साथ ग्रामीण विकास, पशु चिकित्सा और शिक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को भी शामिल किया गया।

अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास से संबंधित योजनाओं के तहत भी वित्तीय स्वीकृति दी गई है। कानपुर देहात, प्रयागराज, फतेहपुर, हमीरपुर और झांसी में बीडा के विकास से संबंधित 10 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इन परियोजनाओं को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास की योजनाओं के तहत स्वीकृति दी गई है। उपलब्ध जानकारी में इन 10 परियोजनाओं की अलग-अलग लागत और उनके निर्माण की विस्तृत समयसीमा का उल्लेख नहीं है।

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का समय करीब आने के बीच सड़क निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति दी गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सरकार की ओर से सड़क निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रक्रिया शुरू की जा रही है। विपक्ष की ओर से विधानसभा क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति को चुनावी मुद्दा बनाए जाने की आशंका का उल्लेख भी उपलब्ध जानकारी में किया गया है। इसी संदर्भ में संबंधित क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों की ओर से सड़कों के शीघ्र निर्माण के लिए सरकार के समक्ष मांग रखे जाने की बात कही गई है। हालांकि, स्वीकृत परियोजनाओं में से कितनी सड़कें किस विधानसभा क्षेत्र से संबंधित हैं और प्रत्येक परियोजना का कार्य कब तक पूरा होगा, इसकी जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।

पूरे घटनाक्रम को देखें तो सड़क परियोजनाओं से संबंधित वित्तीय स्वीकृतियां दो अलग-अलग बैठकों में हुईं। 10 सितंबर को हुई बैठक में 21 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी मिली, जबकि 17 सितंबर की बैठक में 15 परियोजनाएं स्वीकृत हुईं। दोनों बैठकों की स्वीकृतियों को मिलाकर कुल 36 सड़क परियोजनाओं के लिए 3095 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। इनमें कई जिलों की परियोजनाएं शामिल हैं और कुछ परियोजनाओं की लागत 200 करोड़ रुपये से अधिक है। 200 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं को अब कैबिनेट के समक्ष स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं पीडब्ल्यूडी स्वीकृत परियोजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

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