यूपी में बाल श्रम के खिलाफ बड़ा अभियान, 15 जिलों के 140 हॉटस्पॉट 12 जून को होंगे बाल श्रम मुक्त घोषित

अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर होगा विशेष कार्यक्रम, प्रदेश के 543 चिन्हित हॉटस्पॉट पर निगरानी और जागरूकता अभियान जारी
Bureau 06 Jun 2026, 07:35 PM 1 min read
यूपी में बाल श्रम के खिलाफ बड़ा अभियान, 15 जिलों के 140 हॉटस्पॉट 12 जून को होंगे बाल श्रम मुक्त घोषित

 

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में आगामी 12 जून को अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर 15 जिलों के करीब 140 बाल श्रम हॉटस्पॉट को बाल श्रम मुक्त घोषित किया जाएगा। इस अवसर पर राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विशेष कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा। श्रम एवं सेवायोजन विभाग के अनुसार प्रदेश में कुल 543 बाल श्रम हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इन क्षेत्रों में बाल श्रम उन्मूलन के लिए विशेष निगरानी, जागरूकता कार्यक्रम और पुनर्वास संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

 

प्रदेश सरकार ने अगले वर्ष तक उत्तर प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी उद्देश्य से विभिन्न जिलों और मंडलों में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। बाल श्रम उन्मूलन और बच्चों के पुनर्वास से जुड़े विभागों तथा संस्थाओं की क्षमता बढ़ाने के लिए कानपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, चित्रकूट, झांसी, गोरखपुर, देवीपाटन, लखनऊ और आगरा मंडलों में मंडलायुक्तों की अध्यक्षता में कार्यशालाओं का आयोजन किया जा चुका है। इन कार्यशालाओं के माध्यम से संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं को बाल श्रम की पहचान, रोकथाम और पुनर्वास संबंधी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।

 

 

श्रम विभाग ने बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, चित्रकूट, चंदौली, सोनभद्र, कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज, फर्रुखाबाद, औरैया, इटावा और गोंडा जिलों को दिसंबर 2026 तक पूर्ण रूप से बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी संबंधित जिलों में टास्क फोर्स का गठन किया जा चुका है। टास्क फोर्स बाल श्रम की रोकथाम, बच्चों की पहचान, पुनर्वास और जागरूकता कार्यक्रमों की निगरानी करेगी।

 

 

आईएलओ की अवधारणा के अनुरूप ऐसे बच्चों की पहचान पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है जो न तो स्कूल जा रहे हैं और न ही किसी कार्यस्थल पर पंजीकृत हैं। सरकार का मानना है कि ऐसे बच्चों की पहचान और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना बाल श्रम उन्मूलन अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। 12 जून को आयोजित कार्यक्रम में इस विषय पर विशेष जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।

 

बाल श्रम उन्मूलन को लेकर 12 जून से 21 जून तक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान प्रदेशभर में बाल श्रम उन्मूलन रैलियां, श्रमिक पंजीयन शिविर, संकल्प सम्मेलन और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य समाज में बाल श्रम के प्रति जागरूकता बढ़ाना और बच्चों को शिक्षा एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयासों को मजबूत करना है।

 

श्रम विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में ई-श्रम पोर्टल पर 38,930 गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर पंजीकृत हैं। वहीं 8.42 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिकों का डेटा पोर्टल पर उपलब्ध है। इनमें से 79,246 श्रमिकों का पंजीकरण प्रदेश सामाजिक सुरक्षा बोर्ड में कराया जा चुका है। विभाग का कहना है कि असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया लगातार जारी है।

 

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