Sitapur News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जनपद में स्थित लक्ष्मणपुर की केशव ग्रीन सिटी में बाढ़ आने के बाद कॉलोनी बसाने में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। जिलाधिकारी राजा गणपति आर के निर्देश पर गठित की गयी तीन सदस्यीय टीम की जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि केशव ग्रीन सिटी 14 बीघा से ज्यादा नदी और ग्राम समाज की जमीन पर बसाई गई है। यही नहीं, जमीन का नियमानुसार विभाजन भी नहीं हुआ था। जांच रिपोर्ट के आधार पर रामकोट थाने में बिल्डर सहित सात नामजद लोगों और अन्य अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है।
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों पिरई नदी में आई बाढ़ से केशव ग्रीन सिटी में पानी भर गया था। निचले इलाके में बसाई गयी कॉलोनी में बाढ़ का पानी घुस जाने पर लगभग 400 से ज्यादा परिवारों को घर छोड़कर जाना पड़ गया था। करीब 10 दिनों तक पूरी काॅलोनी पानी में डूबी रही। जब जलस्तर कम हुआ तो तबाही का मंजर सामने आया। काॅलोनी के सभी घरों में कीचड़ भर गया था। फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो गए।
एक दर्जन से ज्यादा कारों और दर्जनों दोपहिया वाहन भी खराब हो गये थे। घरों की निचली मंजिलों में रखा घर का सामान भी बर्बाद हो गया। बाढ़ के पानी के काॅलोनी के घरों में घुस जाने से लगभग 20 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। जिलाधिकारी राजा गणपति आर ने इस पूरे प्रकरण की जांच को एडीएम न्यायिक, सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम सदर की तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। संयुक्त जांच रिपोर्ट में हैरान करने वाले खुलासे हुए। जांच रिपोर्ट में नदी और ग्राम समाज की जमीन पर प्लॉटिंग और राजस्व संहिता की धारा 30(2) के तहत जमीन का विभाजन नहीं कराने जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता मारकंडेय कुमार ने बिल्डर मुकेश अग्रवाल, पत्नी श्वेता अग्रवाल, विकास अग्रवाल, रोली, राहुल अग्रवाल, प्रहलाद राय और विनीत कुमार समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया है। विदित हो कि साल 2016 से 2022 के बीच लक्ष्मणपुर में केशव ग्रीन सिटी बसाई गयी थी। इस दौरान तैनात रहे राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। डीएम ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान प्रकरण के जिम्मेदार मिलने वाले संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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