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रुचिका सिंह ने नोएडा में बदला था नाम? सैलून संचालक का दावा- आधार कार्ड मांगा तो छोड़ दी ट्रेनिंग

नीट पेपर लीक प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री पर टिप्पणी के बाद चर्चा में आई रुचिका सिंह को लेकर नोएडा के एक सैलून संचालक ने नया दावा किया है। अधिवक्ता की शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला दिल्ली भेजा गया।
Bureau
Bureau News Desk
01 Aug 2026
11:28 AM
1 min read
रुचिका सिंह ने नोएडा में बदला था नाम? सैलून संचालक का दावा- आधार कार्ड मांगा तो छोड़ दी ट्रेनिंग
हाइलाइट्स
तर-मंतर प्रदर्शन के बाद चर्चा में आई रुचिका सिंह को लेकर नोएडा से नया दावा।
सैलून संचालक ने कहा- आवेदन के समय युवती ने दूसरा नाम बताया।
दस्तावेज नहीं देने पर नौ दिन में प्रशिक्षण छोड़ने का दावा।
अधिवक्ता की शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला दिल्ली भेजा गया।

नोएडा। नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर चर्चा में आई रुचिका सिंह को लेकर अब नोएडा से एक नया दावा सामने आया है। सेक्टर-135 स्थित एक सैलून के संचालक का कहना है कि रुचिका सिंह ने कुछ समय पहले उनके संस्थान में नेल आर्ट का प्रशिक्षण लेने के लिए आवेदन किया था, लेकिन पहचान संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने के कारण उसने मात्र नौ दिन में ही प्रशिक्षण छोड़ दिया।

सैलून संचालक टीपी त्रिपाठी ने दावा किया कि युवती लगभग एक महीने पहले उनके संस्थान में आई थी और नेल आर्ट सीखने की इच्छा जताई थी। उनके अनुसार, तीन महीने के प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए आवेदन करते समय उसने अपना नाम मैनसिल जैन बताया था।

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टीपी त्रिपाठी के अनुसार, प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी करने के लिए उससे आधार कार्ड सहित आवश्यक दस्तावेज मांगे गए थे। उनका कहना है कि कई बार याद दिलाने के बावजूद युवती कोई पहचान पत्र उपलब्ध नहीं करा सकी और अलग-अलग कारण बताती रही। उन्होंने दावा किया कि दस्तावेज जमा करने को लेकर सख्ती बरतने के बाद उसने प्रशिक्षण शुरू होने के केवल नौ दिन के भीतर ही संस्थान छोड़ दिया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

सैलून संचालक का यह भी कहना है कि युवती ने स्टाफ से बातचीत के दौरान खुद को 12वीं तक शिक्षित बताया था। उनके अनुसार, उसने कभी स्वयं को नीट का छात्र नहीं बताया और न ही इस संबंध में कोई दस्तावेज प्रस्तुत किए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण के दौरान युवती ने अपनी शैक्षणिक पृष्ठभूमि से जुड़े सीमित विवरण ही साझा किए थे।

रुचिका सिंह का नाम उस समय चर्चा में आया जब नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया।

इसी मामले में गाजियाबाद के वसुंधरा निवासी और सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता स्मृति सिंह ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे संवैधानिक पद की गरिमा प्रभावित हुई।

पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर एक्सप्रेसवे थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई। बाद में मामले को क्षेत्राधिकार के आधार पर आगे की कार्रवाई के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर थाना पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया। मामले की जांच संबंधित एजेंसी द्वारा की जा रही है।

मामले के सामने आने के बाद युवती की पहचान को लेकर भी अलग-अलग जानकारियां सामने आई हैं। उपलब्ध सूचनाओं के अनुसार, वह फिलहाल नोएडा के सेक्टर-168 स्थित लोटस जिंग सोसाइटी में रहती बताई जा रही है, जबकि उसके मूल निवास को लेकर फरीदाबाद के ऊंचा गांव और गाजियाबाद दोनों का उल्लेख किया गया है।

सैलून संचालक द्वारा आवेदन के दौरान मैनसिल जैन नाम बताए जाने के दावे के बाद उसकी वास्तविक पहचान को लेकर भी सवाल उठे हैं। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

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