बिना जेब वाले कपड़े, फ्रिस्किंग और नई टीम... राम मंदिर में दान गिनती व्यवस्था में बड़े बदलाव

जांच के बीच कर्मचारियों से लेकर सीसीटीवी निगरानी तक बदली व्यवस्था, एसआईटी ने भी दिए कई अहम सुझाव।
Bureau 22 Jun 2026, 11:24 AM 1 min read
बिना जेब वाले कपड़े, फ्रिस्किंग और नई टीम... राम मंदिर में दान गिनती व्यवस्था में बड़े बदलाव

 

राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच जारी है। इसी बीच मंदिर परिसर के भीतर ऐसी कई व्यवस्थाओं में बदलाव किए गए हैं, जिनका सीधा संबंध नकदी गिनती और उसकी निगरानी से है। सिर्फ टीम ही नहीं बदली है, बल्कि काउंटिंग रूम के भीतर काम करने के तरीके भी पहले की तुलना में अधिक सख्त कर दिए गए हैं।

 

यह खबर भी पढ़े - कटोरे लेकर सड़क पर उतरे कार्यकर्ता, ₹420 का डीडी भी भेजा; राम मंदिर चंदा विवाद पर आप का अनोखा विरोध

 

सूत्रों के मुताबिक दान की राशि गिनने वाली टीम को बदल दिया गया है। बैंक की ओर से नकदी गणना में शामिल कर्मचारियों की नई टीम तैनात की गई है। इतना ही नहीं, स्वयंसेवकों की ड्यूटी में भी बदलाव किया गया है और निगरानी से जुड़े कर्मियों को भी बदला गया है। यानी अब पूरी व्यवस्था नए सिरे से संचालित की जा रही है।

 

जांच के बीच सबसे ज्यादा चर्चा उस नए नियम की हो रही है, जिसके तहत काउंटिंग रूम में प्रवेश करने वाले कर्मचारियों और संबंधित लोगों को केवल बिना जेब वाले कपड़े पहनने की अनुमति दी जा रही है। इसके अलावा बाहर निकलते समय कर्मचारियों की फ्रिस्किंग भी की जा रही है। यह बदलाव सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए कदमों के रूप में देखा जा रहा है।

 

सूत्रों के अनुसार काउंटिंग रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के लिए अलग से कर्मियों की तैनाती की गई है। इनका काम विशेष रूप से नकदी गिनती से जुड़ी गतिविधियों पर लगातार नजर रखना है। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों के डाटा स्टोरेज की क्षमता बढ़ाने का भी सुझाव दिया गया है, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर पर्याप्त रिकॉर्ड उपलब्ध रह सके।

 

प्रारंभिक रिपोर्ट में एसआईटी ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक जांच पूरी होने तक जिम्मेदार व्यक्तियों के अयोध्या छोड़ने पर रोक लगाने की सिफारिश की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर उनसे दोबारा पूछताछ की जा सके। इसके अलावा ट्रस्ट के पुनर्गठन और जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से निर्धारित करने की सलाह भी दी गई है।

 

रिपोर्ट में मंदिर प्रबंधन को अधिक पेशेवर और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। इसके तहत साप्ताहिक या पाक्षिक ऑडिट व्यवस्था, प्रतिदिन नकदी की नियमित एंट्री, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूर्ण पालन, प्रशासनिक अधिकारी को CEO बनाए जाने की सिफारिश, जैसे सुझाव दिए गए हैं।

 

हालांकि एसआईटी की यह रिपोर्ट प्रारंभिक मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई और निर्णय लिए जाएंगे।


 

 

 

 

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

राम मंदिर चढ़ावा मामले में सात दिन बाद आई पहली रिपोर्ट, अब किस पर टिकेंगी निगाहें?
चांदी का हार और चरण पादुका चढ़ाने के बाद रसीद नहीं मिली? राम मंदिर मामले में SIT की जांच तेज
सरयू में स्नान बना काल, अंबेडकरनगर के युवक की डूबने से मौत
राम मंदिर दान राशि विवाद के बीच एसआईटी पहुंची परिसर, शिवपाल यादव ने उठाए सवाल
राम मंदिर चढ़ावा जांच में चंपत राय समेत चार नामों पर फोकस, दूसरे दिन भी जारी रही पूछताछ
राम मंदिर दान विवाद के बीच नृपेंद्र मिश्र ने बताया, SIT जांच का असली मकसद क्या है
राम मंदिर दानपात्र विवाद में आया नया मोड़, छापेमारी में मिले लाखों रुपये
'सब बेईमान हैं, किस-किस का नाम गिनाऊं', राम मंदिर विवाद में महंत कमल नयन दास की टिप्पणी से बड़ी हलचल
राम मंदिर चंदे को लेकर उठे सवाल, ट्रस्ट ने बताया कब और कैसे होता है ऑडिट