राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर पूर्व बाबरी मस्जिद पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भगवान के सम्मान से जुड़ी वस्तुओं को वापस लाया जाना चाहिए और इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या केवल एक शहर नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। उनके अनुसार भगवान के गले का हार और चरण पादुका जैसी पूजनीय वस्तुओं के गायब होने की खबर ने उन्हें भावुक कर दिया।
इकबाल अंसारी ने कहा कि उन्होंने पहले कभी ऐसा नहीं सुना कि भगवान के घर इस प्रकार की घटना हुई हो। उन्होंने कहा कि इतनी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद यदि भगवान के आभूषण और चरण पादुका तक सुरक्षित नहीं रह पाए तो यह बेहद दुखद है। उन्होंने कहा, "पैसा आता-जाता रहता है, लेकिन भगवान का हार और उनकी चरण पादुका वापस आनी चाहिए।"
इकबाल अंसारी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि मामले में जो भी दोषी हों उनके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं अयोध्या की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और इससे देश-दुनिया में गलत संदेश जाता है।
इकबाल अंसारी ने कहा कि वह भगवान राम का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद उन्होंने मुस्लिम समाज से भी मंदिर निर्माण का सम्मान करने की अपील की थी क्योंकि यह करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए और किसी भी धार्मिक स्थल से जुड़ी ऐसी घटनाएं समाज के लिए पीड़ादायक होती हैं।
इकबाल अंसारी ने कहा कि जब उन्हें इस घटना की जानकारी मिली तो उन्हें बेहद दुख हुआ। उन्होंने कहा, "हम रोते रह गए कि ये लोग भगवान को भी नहीं छोड़ने वाले हैं।" उन्होंने दोहराया कि उनकी सबसे बड़ी मांग भगवान का हार और चरण पादुका वापस लाने की है।
अपने बयान के दौरान इकबाल अंसारी ने यह भी कहा कि यदि मामले में कुछ नहीं हुआ होता तो एफआईआर दर्ज होने का प्रश्न ही नहीं उठता। उनके अनुसार मामले में सच्चाई सामने आनी चाहिए और जांच एजेंसियों को निष्पक्ष तरीके से अपना काम करना चाहिए।
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