दो साल से बैठकें नहीं, कर्मचारियों के बढ़ते आक्रोश पर संयुक्त परिषद ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र

मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र का हवाला देते हुए परिषद अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ने कहा, नियमित बैठकें न होने से कर्मचारियों की समस्याएं लगातार लंबित हैं।
Bureau 17 Jun 2026, 05:26 PM 1 min read
दो साल से बैठकें नहीं, कर्मचारियों के बढ़ते आक्रोश पर संयुक्त परिषद ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र

 

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष इं. हरिकिशोर तिवारी ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर राज्य के कार्मिक संगठनों के साथ नियमित पाक्षिक और मासिक बैठकों के आयोजन का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार बैठकें नहीं होने के कारण कर्मचारियों की छोटी-छोटी समस्याएं लंबे समय से लंबित पड़ी हैं, जिससे विभिन्न कर्मचारी संगठनों में नाराजगी बढ़ रही है।

 

हरिकिशोर तिवारी ने बताया कि उन्होंने 11 मई 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान भी इस विषय को उठाया था। उन्होंने मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र का हवाला देते हुए कहा कि पिछले लगभग दो वर्षों से शासन स्तर, विशेषकर कार्मिक विभाग और उच्च स्तर पर कर्मचारी संगठनों के साथ नियमित बैठकें नहीं हो रही हैं।

 

संयुक्त परिषद अध्यक्ष ने मुख्य सचिव के 12 दिसंबर 2024 के पत्र, कार्मिक अनुभाग-4 के 2 मई 2025 और 4 जून 2026 के पत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि समय-समय पर बैठकें आयोजित करने के निर्देश जारी किए गए, लेकिन उनका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने भी प्रत्येक 15 दिन में विभिन्न स्तरों पर बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए थे। बाद में बैठकों की अवधि एक माह कर दी गई, लेकिन व्यवहारिक स्तर पर बैठकें नियमित रूप से नहीं हो पा रही हैं।

 

 

हरिकिशोर तिवारी के अनुसार, कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार आदेश जारी किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय पर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारी संगठनों में असंतोष और बढ़ सकता है।

 

संयुक्त परिषद ने मुख्य सचिव से आग्रह किया है कि बैठकों के आयोजन और उनकी निगरानी के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। उनका कहना है कि यदि सभी स्तरों पर गंभीरता के साथ प्रयास किए जाएं तो अनावश्यक आंदोलनों और विवादों से बचा जा सकता है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अतीत में उनके संगठन द्वारा प्रदेश स्तर पर कई बड़े आंदोलन किए जा चुके हैं, लेकिन वर्तमान में परिषद सकारात्मक माहौल में समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रयास करना चाहती है।

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