>आवारा कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों जैसे की स्कूल, अस्पताल और भीड़भाड़ वाले इलाकों से हटाकर शेल्टर होम में रखने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने विवाद खड़ा कर दिया है। जहां कई लोग इसे सार्वजनिक सुरक्षा का कदम मान रहे हैं, वहीं बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति और ऐनिमल वेलफेयर एक्टिविस्ट प्रतीक यादव ने इसे “बेहद क्रूर” बताते हुए फैसले को तत्काल वापस लेने की अपील की है।
>प्रतीक यादव, जो वर्तमान में अस्पताल में भर्ती हैं, ने वीडियो जारी कर कहा कि यह आदेश कुत्तों के स्वभाव और व्यवहार की समझ के बिना दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्ट्रे डॉग्स टेरिटोरियल एनिमल होते हैं और उन्हें उनके क्षेत्र से हटाकर किसी अन्य जगह छोड़ना सीधा उनकी मौत की तरफ धकेलने जैसा है। ये फैसला इंसानियत के खिलाफ, एक क्रूर आदेश है। कुत्ते अपनी क्षेत्रीय सीमा में रहते हैं, आप उन्हें नई जगह छोड़ेंगे तो वहां मौजूद डॉग पैक उन्हें मार देगा। उन्होंने याद दिलाया कि पहले भी सुप्रीम कोर्ट को स्ट्रे डॉग्स से जुड़े आदेश को वापस लेना पड़ा था। प्रतीक ने कहा कि कुत्तों को न्यूट्रलाइज करना समाधान है, लेकिन उन्हें वहीं छोड़ा जाए जहां से उठाया गया।
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>सुप्रीम कोर्ट ने हाल में आदेश दिया है कि स्ट्रे डॉग्स को भीड़भाड़ व संवेदनशील क्षेत्रोंजैसे की स्कूलों, अस्पतालों, सार्वजनिक स्थलों से हटाकर शेल्टर होम में रखा जाए। कोर्ट का के आदेश अनुसार मानव सुरक्षा सर्वोपरि है, लेकिन समर्थक कह रहे हैं कि भारत में पर्याप्त डॉग शेल्टर नहीं हैं, ऐसे में यह आदेश व्यवहारिक नहीं।
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