प्रतीक यादव के निधन के बाद उनसे जुड़े कई पुराने बयान और पारिवारिक घटनाएं एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव ने अक्टूबर 2022 में एक ऐसा बयान दिया था, जिसे अब यादव परिवार के भीतर उनके संबंधों और सोच के संदर्भ में याद किया जा रहा है।
दरअसल, मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद प्रयागराज में आयोजित अस्थि विसर्जन कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में प्रतीक यादव ने साफ तौर पर कहा था कि नेताजी की राजनीतिक विरासत को अखिलेश यादव ही संभालेंगे। उन्होंने खुद को राजनीति से दूर बताते हुए कहा था कि वह कई वर्षों से व्यवसाय से जुड़े हैं और आगे भी राजनीति में आने का उनका कोई इरादा नहीं है।
उस समय प्रतीक यादव ने कहा था, “मैं सियासत में हूं नहीं। पिछले कई वर्षों से मैं बिजनेसमैन हूं। नेताजी की सियासी विरासत बहुत बड़ी है और वह आगे भी बढ़ती रहेगी। इस विरासत को अखिलेश भैया ही संभालेंगे। सियासत से मेरा आगे भी कोई लेना-देना नहीं रहेगा।”
प्रतीक यादव का यह बयान उस समय काफी अहम माना गया था क्योंकि समाजवादी पार्टी और यादव परिवार के भीतर नेतृत्व को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं। ऐसे माहौल में उनके बयान को अखिलेश यादव के समर्थन के रूप में देखा गया था।
प्रतीक यादव भले ही सक्रिय राजनीति से दूर रहे हों, लेकिन परिवार के प्रति उनका लगाव कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से दिखाई दिया। मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद परिवार के साथ उनकी मौजूदगी लगातार चर्चा में रही थी। कई पारिवारिक आयोजनों में भी वह अखिलेश यादव के साथ नजर आए थे।
नवंबर 2025 में सैफई में आयोजित एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान प्रतीक यादव द्वारा अखिलेश यादव के पैर छूने का वीडियो भी सामने आया था। उस वीडियो को दोनों भाइयों के बीच सम्मान और आत्मीय संबंधों के प्रतीक के रूप में देखा गया था। सोशल मीडिया पर यह वीडियो काफी चर्चा में रहा था।
इसके अलावा जनवरी 2026 में अपर्णा यादव के साथ विवाद की खबरों के दौरान भी प्रतीक यादव की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में आई थी। उस पोस्ट में उन्होंने पारिवारिक रिश्तों को महत्व देने की बात कही थी। उस समय भी राजनीतिक और सामाजिक हलकों में यह संदेश गया था कि वह अपने परिवार, विशेष रूप से अखिलेश यादव के साथ संबंधों को प्राथमिकता देते थे।
बुधवार सुबह लखनऊ में प्रतीक यादव के निधन की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर है। उनके निधन के बाद अब उनसे जुड़ी पुरानी यादें, बयान और पारिवारिक संबंधों की चर्चाएं फिर से सामने आ रही हैं।
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