राजधानी के गोमती नगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के स्लीपर कोच में मिले युवती के शव के टुकड़ों के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि यह मामला ऑनर किलिंग का है। मृतका कुशीनगर जिले की रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी थी, जिसकी हत्या उसके पिता ने अपनी बहन और बहनोई के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार बीते 17 मई को गोमती नगर रेलवे स्टेशन पर पहुंची छपरा-गोमती नगर एक्सप्रेस के एस-1 स्लीपर कोच में एक टिन के बक्से के अंदर युवती का धड़ बरामद हुआ था। युवती ने सलवार-सूट पहन रखा था। शव का सिर गायब था, जबकि हाथ और पैर काटकर पास में रखे एक थैले में मिले थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी लखनऊ ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस ने ट्रेन के रूट में आने वाले सभी रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरों की जांच की। जांच के दौरान कुशीनगर के तमकुही रोड रेलवे स्टेशन पर तीन लोग स्लीपर कोच में एक टिन का बक्सा रखते दिखाई दिए। इसके बाद तीनों पास के वातानुकूलित डिब्बे से उतरते नजर आए। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी पहचान शिवरही निवासी बिग्गन अंसारी, उसकी बहन नूरजहां और बहनोई मुजीबुल्ला के रूप में हुई।
पुलिस पूछताछ में आरोपी पिता बिग्गन अंसारी ने बताया कि उसकी 15 वर्षीय बेटी शब्बा एक युवक से मोबाइल फोन पर बातचीत करती थी। उसने कई बार बेटी को समझाने और चेतावनी देने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसकी दो बेटियां पहले भी घर छोड़कर जा चुकी थीं, जिससे वह पहले से परेशान था। उसे आशंका थी कि तीसरी बेटी भी उसी रास्ते पर जा सकती है और इससे परिवार की बदनामी होगी।
पुलिस के अनुसार इसी डर और गुस्से में बिग्गन अंसारी ने हत्या की साजिश रची। उसने पहले अपनी पत्नी और दोनों बेटों को रिश्तेदारी में भेज दिया। इसके बाद 16 मई को अपनी बहन और बहनोई को पूरी योजना बताई। तीनों ने मिलकर किशोरी की हत्या कर दी और शव के टुकड़े कर दिए। आरोपी ने सिर को गांव के तालाब में फेंक दिया, जबकि धड़ को टिन के बक्से और हाथ-पैर को एक थैले में रखा गया। बाद में तीनों आरोपी घर से करीब चार किलोमीटर दूर स्थित तमकुही रोड रेलवे स्टेशन पहुंचे और ट्रेन के स्लीपर कोच में शव से भरा बक्सा और थैला रखकर वहां से उतर गए।
पुलिस ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। साथ ही डीएनए जांच भी कराई गई है। अभी तक किशोरी का सिर बरामद नहीं हो सका है और उसकी तलाश जारी है। जीआरपी पुलिस अधीक्षक रोहित मिश्रा ने बताया कि मामले का खुलासा सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर किया गया है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें