सिराथू से विधायक पल्लवी पटेल के खिलाफ लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन करने के मामले में आरपीएफ ने मुकदमा दर्ज किया है। आरपीएफ चारबाग की ओर से दर्ज एफआईआर में विधायक के साथ करीब 350 से 400 अज्ञात समर्थकों को भी आरोपी बनाया गया है। उन पर रेलवे परिसर में अनाधिकृत प्रवेश, रेल संचालन बाधित करने और रेलवे एक्ट के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, शनिवार 9 मई को विधायक पल्लवी पटेल ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर चारबाग रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन परिसर में नारेबाजी की और प्लेटफॉर्म संख्या-1 तक पहुंच गए। आरोप है कि इस दौरान रेल लाइन पर उतरकर ट्रेनों के संचालन को भी प्रभावित किया गया।
आरपीएफ द्वारा दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि विधायक पल्लवी पटेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुरुष और महिला कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे, पोस्टर और बैनर लेकर स्टेशन के सरकुलेटिंग एरिया में पहुंचे। इसके बाद दोपहर करीब 1 बजकर 16 मिनट पर प्रदर्शनकारी एस्केलेटर के पास वाले रास्ते से प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर अनाधिकृत रूप से प्रवेश कर गए।
एफआईआर के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता रेलवे निरीक्षण वाहन और इंजन पर भी चढ़ गए तथा नारेबाजी करने लगे। आरपीएफ का आरोप है कि इससे रेलवे संचालन और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई। रेलवे पुलिस फोर्स ने विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 147, 145 और 156 के तहत मामला दर्ज किया है।
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, मौके पर मौजूद पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और बाद में प्रदर्शनकारियों को स्टेशन परिसर से बाहर निकाला गया। हालांकि भीड़ अधिक होने के कारण तत्काल गिरफ्तारी संभव नहीं हो सकी। मामले की जांच उप निरीक्षक लक्ष्मी सिंह को सौंपी गई है।
प्रदर्शन के दौरान विधायक पल्लवी पटेल केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों और यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर विरोध जता रही थीं। आरपीएफ ने अपने बयान में कहा है कि रेलवे परिसर में इस प्रकार का प्रदर्शन और रेल संचालन में बाधा डालना असंवैधानिक तथा रेलवे एक्ट के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
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