उत्तर प्रदेश के नोएडा में मजदूरों के वेतन को लेकर जारी आंदोलन के बीच पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने श्रमिकों के समर्थन में बयान दिया है। उन्होंने मौजूदा मजदूरी को अपर्याप्त बताते हुए सवाल उठाया कि 12 हजार रुपये में किसी परिवार का गुजारा कैसे हो सकता है।
नोएडा में हाल के दिनों में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों के प्रदर्शन और कुछ स्थानों पर हिंसक घटनाओं के बाद यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी चर्चा में है। विपक्ष के बाद अब सत्तारूढ़ दल से जुड़े नेता का भी इस मामले में बयान सामने आया है। पत्रकारों से बातचीत में बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि मजदूरों की मजदूरी बहुत कम है और इस आय में जीवनयापन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि बाहर काम करने जाने वाले श्रमिकों को 11 से 12 हजार रुपये मिलते हैं, जिसमें किराया और भोजन जैसे बुनियादी खर्च ही लगभग पूरी राशि खर्च कर देते हैं।
उन्होंने कहा कि किराए के कमरे पर 3 से 4 हजार रुपये खर्च हो जाते हैं और सामान्य भोजन पर भी इतना ही खर्च आता है। ऐसे में बहुत कम राशि बचती है, और यदि कोई बीमार हो जाए तो पूरी स्थिति और कठिन हो जाती है। पूर्व सांसद ने यह भी कहा कि श्रमिकों की मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है और उनकी मजदूरी बढ़ाने की आवश्यकता है। हालांकि, इस स्थिति के पीछे जिम्मेदार पक्षों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज किया।
बुधवार को भी नोएडा में कई फैक्ट्रियों के बाहर मजदूरों का जमावड़ा देखा गया। वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है। बृजभूषण शरण सिंह अपने बेबाक बयानों के लिए भी जाने जाते हैं। हाल के समय में उन्होंने आगामी चुनावों को लेकर भी अपनी राजनीतिक मंशा जाहिर की थी।
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