बच्चे को साथ लेकर मिलने पहुंचे, फिर प्रोफेसर की हत्या; न्यू अशोक नगर केस में दंपती गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल से दिल्ली आए आरोपी दंपती ने प्रॉपर्टी विवाद के चलते रची थी हत्या की साजिश, पुलिस जांच में खुलासा
Bureau 07 Jun 2026, 12:33 PM 1 min read
बच्चे को साथ लेकर मिलने पहुंचे, फिर प्रोफेसर की हत्या; न्यू अशोक नगर केस में दंपती गिरफ्तार

 

दिल्ली के न्यू अशोक नगर में महिला प्रोफेसर की हत्या के मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए एक दंपती को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे प्रॉपर्टी विवाद मुख्य वजह था। आरोपी पश्चिम बंगाल से अपने छोटे बच्चे के साथ दिल्ली पहुंचे थे और उन्होंने मुलाकात के बहाने प्रोफेसर तक पहुंच बनाकर वारदात को अंजाम दिया।

 

क्या है पूरा मामला?: पुलिस जांच के मुताबिक मृतक महिला प्रोफेसर की पश्चिम बंगाल में अपने नाना की संपत्ति थी। इस संपत्ति में आरोपी पति-पत्नी किराएदार के रूप में रह रहे थे। बताया गया है कि प्रोफेसर संपत्ति वापस लेने के लिए लगातार प्रयास कर रही थीं और इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। जांच में सामने आया कि इसी विवाद के कारण आरोपियों ने हत्या की योजना बनाई।

 

बच्चे को साथ लेकर पहुंचे आरोपी: ईस्ट जिला पुलिस की जांच के अनुसार, वारदात वाले दिन आरोपी दंपती पश्चिम बंगाल से दिल्ली पहुंचे। उनके साथ उनका छोटा बच्चा भी था। पुलिस का कहना है कि बच्चे को साथ लाने का उद्देश्य सोसाइटी में सामान्य और भरोसेमंद तरीके से प्रवेश करना था ताकि किसी को उन पर शक न हो। आरोपियों ने मुलाकात के बहाने प्रोफेसर से संपर्क किया और बाद में अपने साथ लाए हथियार से हत्या कर दी।

 

जांच में जुटीं दिल्ली पुलिस की कई टीमें: घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच के लिए सात टीमें गठित कीं। जांच के दौरान पुलिस ने चार राज्यों में छापेमारी की। हत्याकांड वाले दिन सोसाइटी में आने वाले करीब 200 लोगों की गतिविधियों की जांच की गई। इनमें से 13 लोगों को संदिग्ध मानते हुए विस्तृत पूछताछ की गई। इसी प्रक्रिया में आरोपी दंपती की भूमिका सामने आई। पूछताछ में सामने आए महत्वपूर्ण तथ्य: पुलिस के अनुसार, पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। जांच के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।  मामले में आगे की पूछताछ जारी है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।

 

पुलिस आयुक्त ने टीम की सराहना की: दिल्ली पुलिस आयुक्त ने मामले को सुलझाने वाली टीम के प्रयासों की सराहना की है। पुलिस का कहना है कि जटिल परिस्थितियों वाले इस मामले को कुछ ही दिनों में सुलझा लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है और पुलिस ने आगे की जांच के लिए सात दिन की रिमांड की मांग की है।

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