पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने अपनी मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची को अपडेट किया है। इस सूची में जैश ए मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये के इनाम का उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही 26/11 मुंबई आतंकी हमले से जुड़े 19 आतंकियों के नाम भी सूची में दर्ज हैं।
इन 19 नामों में उन लोगों का उल्लेख है, जिन पर 26/11 हमले के लिए आतंकियों को समुद्र के रास्ते मुंबई पहुंचाने, आर्थिक मदद देने और अन्य स्तरों पर सहायता करने का आरोप रहा है। सूची में शामिल आतंकियों में से 17 के नाम के साथ उनकी तस्वीर और 26/11 हमले में उनकी भूमिका का विवरण दिया गया है। हालांकि, दो नामों के मामले में तस्वीर, लश्कर ए तैयबा के साथ संबंध और हमले में उनकी भूमिका का विवरण मौजूदा सूची में शामिल नहीं किया गया है।
एफआईए की सूची में मसूद अजहर के खिलाफ घोषित इनाम को 70 लाख रुपये किया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2021 में एफआईए ने मसूद अजहर पर 50 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। अब करीब पांच साल बाद इस राशि में 20 लाख रुपये की बढ़ोतरी की गई है। मसूद अजहर जैश ए मोहम्मद का प्रमुख है और लंबे समय से पाकिस्तान की मोस्ट वांटेड सूची में उसका नाम रहा है। मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान की ओर से यह दावा किया जाता रहा है कि वह पाकिस्तान से गायब है और अफगानिस्तान में मौजूद है। दूसरी ओर, उपलब्ध जानकारी में भारतीय खुफिया एजेंसियों के तकनीकी विश्लेषण का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि मसूद अजहर पाकिस्तान के सिंध प्रांत के नवाबशाह शहर में छिपा हो सकता है।

एफआईए की अपडेटेड मोस्ट वांटेड सूची में 26/11 मुंबई आतंकी हमले से जुड़े 19 लोगों के नाम शामिल हैं। इनमें 11 ऐसे आतंकियों के नाम बताए गए हैं, जिन्होंने दो नौकाओं—अल हुसैनी और अल फौज—के जरिए हमले में शामिल आतंकियों को समुद्र के रास्ते मुंबई पहुंचाने में भूमिका निभाई थी। सूची में शामिल 11 नाम हैं:
- मुल्तान के मुहम्मद अमजद खान
- बहावलपुर के शाहिद गफूर
- साहीवाल के मोहम्मद उस्मान
- लाहौर के अतीक उर रहमान
- हाफिजाबाद के रियाज अहमद
- गुजरांवाला के मुहम्मद मुश्ताक
- डेरा गाजी खान के मुहम्मद नईम
- कराची के अब्दुल शकूर
- मुल्तान के मुहम्मद साबिर सल्फी
- लोधरान के मुहम्मद उस्मान
- रहीम यार खान के शकील अहमद
एफआईए की सूची के मुताबिक, ये नाम 26/11 हमले में समुद्री रास्ते से आतंकियों की आवाजाही से जुड़े हैं।
यह खबर भी पढ़े - शी जिनपिंग से पीएम मोदी की मुलाकात, बोले- मतभेद विवाद नहीं बनने चाहिए
एफआईए की नई सूची में 26/11 से जुड़े दो नामों के साथ पहले उपलब्ध कुछ विवरण अब नहीं दिए गए हैं। तुर्बत के मोहम्मद खान का नाम सूची में मौजूद है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उस पर आतंकियों को मुंबई पहुंचाने के लिए अल हुसैनी नाव उपलब्ध कराने से जुड़ी भूमिका बताई गई थी। हालांकि, नई सूची में उसकी तस्वीर, लश्कर ए तैयबा के साथ संबंध और भूमिका का विवरण हटा दिया गया है। इसी तरह बहावलनगर निवासी अब्दुल रहमान का नाम भी सूची में रखा गया है। वह लश्कर ए तैयबा से जुड़ा बताया गया था। नई सूची में उसकी तस्वीर और संगठन के साथ संबंध का विवरण शामिल नहीं है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 2021 की एफआईए सूची में दोनों के नाम के साथ उनकी तस्वीर और भूमिका से जुड़ी जानकारी दर्ज थी।
एफआईए की सूची में छह ऐसे नाम भी शामिल हैं, जिन पर 26/11 मुंबई हमले के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की बात दर्ज है। इनमें फैसलाबाद निवासी मुहम्मद इफ्तिखार अली का नाम शामिल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसने आतंकियों और उनके आकाओं के बीच बातचीत के लिए वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) कनेक्शन उपलब्ध कराने में 70 हजार पाकिस्तानी रुपये खर्च किए थे। इसके अलावा सूची में शामिल अन्य नाम और उनसे जुड़ी बताई गई रकम इस प्रकार है:
- मोहम्मद जिया, रावलपिंडी — 80 हजार पाकिस्तानी रुपये
- मोहम्मद अब्बास नासिर, खानेवाल — 2 लाख 53 हजार पाकिस्तानी रुपये
- जावेद इकबाल, कसूर — 1 लाख 86 हजार 430 पाकिस्तानी रुपये
- मुख्तार अहमद, मंडी बहाउद्दीन — 2 लाख 98 हजार 47 पाकिस्तानी रुपये
- अहमद सईद, बटग्राम — 21 लाख पाकिस्तानी रुपये
उपलब्ध विवरण में इन रकम को 26/11 हमले के लिए लश्कर ए तैयबा और हमले से जुड़े आतंकियों को दी गई आर्थिक सहायता से जोड़ा गया है।
पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी के मुताबिक, 26/11 मुंबई आतंकी हमले से जुड़े सूची में शामिल 17 आतंकी करीब 18 वर्षों से फरार हैं। वहीं, भारतीय खुफिया विभाग से जुड़े सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया है कि ये सभी 17 आतंकी पाकिस्तान में ही मौजूद हैं। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान द्वारा इन्हें मोस्ट वांटेड सूची में शामिल करना केवल कार्रवाई दिखाने तक सीमित है। इन दावों की पृष्ठभूमि में एफआईए की नई सूची में आतंकियों से जुड़ी जानकारी में किए गए बदलाव भी महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, उपलब्ध सामग्री में पाकिस्तान की ओर से इन बदलावों को लेकर कोई अलग स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमलों में समुद्र के रास्ते मुंबई पहुंचने वाले आतंकियों ने कई स्थानों को निशाना बनाया था। इस मामले में पाकिस्तान स्थित लश्कर ए तैयबा से जुड़े आतंकियों और उनके सहयोगियों की भूमिका की जांच लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रही है। एफआईए की मौजूदा सूची में शामिल 11 नामों को दो नौकाओं—अल हुसैनी और अल फौज—के जरिए आतंकियों को समुद्र पार कराने से जोड़ा गया है। इसके अलावा छह लोगों के नाम आर्थिक मदद उपलब्ध कराने से जुड़े हैं। सूची में दर्ज विवरण 26/11 मामले में आतंकियों के लिए वित्तीय और लॉजिस्टिक सहायता के अलग-अलग पहलुओं को दर्शाता है।
मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाए जाने और एफआईए की मोस्ट वांटेड सूची अपडेट किए जाने का समय भी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अक्टूबर में पेरिस में वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) की पूर्ण बैठक प्रस्तावित है। पाकिस्तान पहले भी एफएटीएफ की निगरानी और आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े मुद्दों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच के दायरे में रहा है। उपलब्ध सामग्री के अनुसार, वर्ष 2021 में भी पाकिस्तान ने मसूद अजहर और अन्य मामलों में कार्रवाई से जुड़े कदमों का उल्लेख किया था। वर्तमान सूची में मसूद अजहर पर इनाम 50 लाख से बढ़ाकर 70 लाख रुपये किया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में एफएटीएफ की आगामी बैठक और एफआईए की सूची के बीच किसी आधिकारिक संबंध की पुष्टि करने वाला पाकिस्तान सरकार या एफएटीएफ का कोई बयान उपलब्ध नहीं है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, एफआईए की वर्ष 2021 की रेड बुक में पाकिस्तान में 1,330 मोस्ट वांटेड आतंकियों के नाम दर्ज थे। पांच वर्ष बाद यह संख्या बढ़कर 1,804 बताई गई है। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर यह करीब 35 प्रतिशत की वृद्धि है। नई सूची में अलग-अलग मामलों से जुड़े आतंकियों और संदिग्धों के नाम शामिल हैं। इनमें 26/11 मुंबई आतंकी हमले से संबंधित 19 नाम भी शामिल हैं।
Explore Related Topics
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें