>मैनपुरी - उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से एक हृदयविदारक और शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ दलित समाज को झकझोर दिया, बल्कि पूरे प्रदेश को एक बार फिर जातीय उत्पीड़न की सच्चाई से रूबरू करा दिया। जमीन विवाद के चलते कुछ दबंगों ने एक दलित दंपति की बेरहमी से पिटाई की और अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए जूते में पेशाब भरकर जबरन पिला दिया।
>घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें पीड़ित दंपति रोते हुए अपनी आपबीती सुना रहा है। यह वीडियो वायरल होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और क्षेत्रीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है।
>जमीन विवाद बना उत्पीड़न की वजह
>पीड़ित दंपति ने बताया कि उनके मकान की आबादी की जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जिस पर हाल ही में राजस्व विभाग ने नापजोख कर कब्जा दिलाया था। इसी से नाराज़ गांव के दबंग विजेंद्र उर्फ टिंकू, शीलेश, सुषमा और सनी ने उन पर हमला किया। तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई, जातिसूचक गालियाँ दी गईं, और दंपति को एक मकान में बंद कर अमानवीय कृत्य को अंजाम दिया गया।
>पीड़िता का आरोप है कि यह कृत्य जानबूझकर उनके धर्म और आत्मसम्मान को कलंकित करने के इरादे से किया गया।
>वायरल वीडियो ने खोली बर्बरता की परतें
>वायरल वीडियो में पीड़ित दंपति रोते हुए अपनी बेबसी जाहिर करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद दलित संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने घटना की निंदा की है। जिला मुख्यालय पहुंचकर पीड़ितों ने एसपी कार्यालय में तहरीर सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
>पुलिस की प्रतिक्रिया: जांच जारी, होगी सख्त कार्रवाई
>सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आ चुका है और कोतवाली पुलिस को जांच के निर्देश दिए गए हैं। यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ SC/ST एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
>'इटावा कांड' की दिल दहला देने वाली पुनरावृत्ति
>यह घटना इटावा में एक दलित कथावाचक पर पेशाब छिड़कने की शर्मनाक घटना के ठीक बाद सामने आई है। मैनपुरी की इस घटना ने दलित संगठनों और विपक्षी राजनीतिक दलों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि दोषियों पर जल्द कार्यवाही नहीं हुई, तो जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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