>राजधानी लखनऊ में गिरते भूगर्भ जल स्तर को लेकर एक चिंताजनक चेतावनी सामने आई है। इसी को ध्यान में रखते हुए आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जल संरक्षण को लेकर सख्त रणनीति पर चर्चा हुई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
>बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनपद के सभी सरकारी भवनों, विद्यालयों, अस्पतालों, नगर निकाय परिसरों और अन्य संस्थानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। जिन भवनों में यह व्यवस्था नहीं है, वहां विभागीय प्रस्ताव बनाकर इसे जल्द से जल्द स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
>लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के मुख्य अभियंता ने बताया कि 300 वर्ग मीटर से बड़े भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पहले से अनिवार्य है। जिलाधिकारी ने सभी कॉलोनियों और निर्माण परियोजनाओं में इस नियम को कड़ाई से लागू कराने के निर्देश दिए।
ग्राम पंचायत से लेकर नगर निगम तक एक्शन प्लान लागू
>खंड विकास अधिकारियों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग को विकास कार्यों में शामिल करने का निर्देश
>नगर निगम और जल कल विभाग के सभी जोनल कार्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की अनिवार्यता
>ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों और नए निर्माण स्थलों में रेन वाटर सिस्टम की अनिवार्य व्यवस्था
>पुराने हैंडपंप व ट्यूबवेल को वाटर रिचार्ज पिट में बदलने के निर्देश
>बैठक में यह भी तय हुआ कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे ताकि जल संरक्षण के प्रति जनसहभागिता सुनिश्चित हो। जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां मनरेगा के तहत सोकपिट बनवाने के निर्देश भी जारी किए गए।
>बैठक में सिंचाई विभाग, नगर निगम, जल निगम, शिक्षा विभाग, ग्राम्य विकास विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और जल संरक्षण को जमीनी हकीकत में बदलें।
इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, डीसी मनरेगा, खंड विकास अधिकारी, लखनऊ विकास प्राधिकरण, नगर निगम, जल कल, आवास विकास, भूगर्भ जल विभाग व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें