लखनऊ, 30 जून। राजधानी लखनऊ के औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े लंबित मामलों और आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा के लिए मंगलवार को जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में हुई बैठक में निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित प्रकरणों, औद्योगिक क्षेत्रों में जल निकासी, सड़क और बिजली से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ जिला एक्सपोर्ट हब की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को सभी लंबित मामलों का निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जनपद के उद्यमियों, विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों और उद्योगों से जुड़े विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। समीक्षा के दौरान निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित 40 मामलों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि यूपीसीडा, विद्युत विभाग और लखनऊ विकास प्राधिकरण ने कुछ मामलों का निस्तारण कर दिया है। इस पर जिलाधिकारी ने सभी विभागों को पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में अमौसी, नादरगंज और सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। यूपीसीडा के प्रतिनिधि ने बताया कि डक्ट निर्माण के लिए विद्युत विभाग से प्राप्त एस्टीमेट मुख्यालय भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
जल निकासी की समस्या पर भी चर्चा हुई। शासन स्तर पर लिए गए निर्णयों के अनुपालन में नगर निगम, यूपीसीडा और एनएचएआई को संयुक्त निरीक्षण कर प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
अमौसी औद्योगिक क्षेत्र स्थित मेसर्स डीवीके प्लास्टिक प्रोडक्ट्स और रुस्तम विहार कॉलोनी के आसपास जलभराव की स्थिति पर भी बैठक में चर्चा हुई। नगर निगम के प्रतिनिधि ने समिति को बताया कि प्रभावित क्षेत्र से मशीनों के माध्यम से लगातार पानी निकाला जा रहा है, जिससे स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।
राजकीय औद्योगिक आस्थान तालकटोरा में यूपीएसआईसी द्वारा निर्माणाधीन सड़क से जुड़े मामले की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि उद्यमियों के बीच आपसी सहमति नहीं बनने के कारण मुख्य विकास अधिकारी के स्तर पर गठित समिति दोबारा सर्वे कराकर मामले का समाधान तलाशेगी। इसके अलावा निवेश सारथी पोर्टल पर निवेशकों के लंबित मामलों को संबंधित विभागों के समन्वय से निस्तारित किए जाने की जानकारी भी बैठक में दी गई।
उद्योग बंधु समिति की बैठक के बाद जिला एक्सपोर्ट हब की समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। इसमें लखनऊ के निर्यात प्रदर्शन, उत्तर प्रदेश निर्यात नीति 2025-30 और विभिन्न निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में विदेश व्यापार महानिदेशालय के डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट हब अभियान के पहले चरण के क्रियान्वयन, जनपद के डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट एक्शन प्लान तथा UPITS 4.0 पोर्टल पर अधिक से अधिक निर्यातकों की सहभागिता बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों और संस्थाओं को समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनपद के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
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