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लखनऊ की समिट बिल्डिंग में आधी रात पुलिस का बड़ा ऑपरेशन, 119 लोग हिरासत में

गोमती नगर की समिट बिल्डिंग में देर रात हुई पुलिस कार्रवाई में 119 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस को आशंका है कि यहां से साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। डिजिटल उपकरण जब्त कर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है।
Bureau
Bureau News Desk
01 Jul 2026
06:46 PM
1 min read
लखनऊ की समिट बिल्डिंग में आधी रात पुलिस का बड़ा ऑपरेशन, 119 लोग हिरासत में
लखनऊ की समिट बिल्डिंग में साइबर फ्रॉड के मामले में पुलिस की छापेमारी
हाइलाइट्स
गोमती नगर की समिट बिल्डिंग में देर रात पुलिस की बड़ी छापेमारी।
11वें फ्लोर से 119 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ।
क्राइम ब्रांच और विभूतिखंड थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की।
कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल समेत कई डिजिटल उपकरण जब्त।

राजधानी लखनऊ के गोमती नगर स्थित समिट बिल्डिंग में देर रात साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के उद्देश्य से छापेमारी की। संयुक्त अभियान के दौरान पुलिस ने 119 लोगों को हिरासत में लिया है। फिलहाल सभी से पूछताछ की जा रही है और उनके साइबर नेटवर्क से संभावित संबंधों की जांच जारी है।

यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच, विभूतिखंड थाना पुलिस और अन्य पुलिस बल की संयुक्त टीम ने की। अभियान के दौरान एडीसीपी क्राइम किरण यादव मौके पर मौजूद रहीं और पूरी कार्रवाई की निगरानी करती रहीं।

 

पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि समिट बिल्डिंग के 11वें फ्लोर से देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी का एक संगठित नेटवर्क संचालित किया जा रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने देर रात अचानक छापेमारी की।

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अचानक हुई कार्रवाई के दौरान परिसर में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने पूरे फ्लोर को घेरकर वहां मौजूद लोगों की पहचान और गतिविधियों की जांच शुरू की।

छापेमारी के दौरान 119 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस प्रत्येक व्यक्ति की पहचान, उसकी भूमिका और कथित साइबर नेटवर्क से जुड़े संभावित संबंधों की जांच कर रही है।

अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। हालांकि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और किसी भी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। सभी डिजिटल डिवाइस को कब्जे में लेकर उनकी फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है।

जांच एजेंसियां इन उपकरणों से बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन, कॉल रिकॉर्ड, इंटरनेट गतिविधियों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं, ताकि कथित साइबर नेटवर्क की कार्यप्रणाली और उससे जुड़े लोगों की पहचान की जा सके।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क देश के विभिन्न राज्यों में लोगों को अलग-अलग तरीकों से साइबर ठगी का निशाना बनाता था। इसी आधार पर अब जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि नेटवर्क का संचालन किस स्तर से किया जा रहा था, इसके पीछे कौन लोग हैं और वित्तीय लेन-देन किस माध्यम से किए जा रहे थे।

फिलहाल हिरासत में लिए गए सभी लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया जाएगा। जिन लोगों की संलिप्तता जांच में सामने आएगी, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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