जमीन के बंटवारे को लेकर खूनी संघर्ष, लखनऊ में बेटे ने फावड़े से पिता पर किए ताबड़तोड़ वार, इलाज के दौरान मौत

अतरौरा गांव में पैतृक संपत्ति को लेकर लंबे समय से चल रहा था विवाद, हत्या के बाद आरोपित बेटा फरार; गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें गठित।
Bureau 21 Jun 2026, 06:15 AM 1 min read
जमीन के बंटवारे को लेकर खूनी संघर्ष, लखनऊ में बेटे ने फावड़े से पिता पर किए ताबड़तोड़ वार, इलाज के दौरान मौत

 

लखनऊ, प्रदीप यादव। राजधानी लखनऊ के महिगंवा थाना क्षेत्र के अतरौरा गांव में पैतृक जमीन के विवाद ने एक परिवार को तबाह कर दिया। शुक्रवार शाम खेत में हुए विवाद के दौरान एक बेटे ने अपने पिता पर फावड़े से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपित बेटा फरार हो गया। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

 

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अतरौरा गांव निवासी 65 वर्षीय रामकुमार यादव का बड़े बेटे महेंद्र यादव के साथ पैतृक जमीन के बंटवारे और खेती को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। शुक्रवार शाम रामकुमार अपने खेत में खड़ी करवी झाड़ियों को ट्रैक्टर से जुतवा रहे थे। इसी दौरान महेंद्र यादव मौके पर पहुंच गया। बताया गया कि वह धान की नर्सरी तैयार करने के लिए जमीन का बंटवारा करने लगा, जिसका रामकुमार ने विरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

 

विवाद बढ़ने पर महेंद्र ने पास में रखा फावड़ा उठा लिया और अपने पिता के सिर पर कई वार कर दिए। हमले में रामकुमार गंभीर रूप से घायल होकर खेत में गिर पड़े। घटना के बाद आरोपित मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची। इस बीच रामकुमार के छोटे बेटे गुड्डू और ग्रामीणों की मदद से उन्हें रामसागर मिश्र 100 शैय्या अस्पताल, बीकेटी पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

 

ग्रामीणों के मुताबिक, घटना के बाद महेंद्र यादव कुछ समय के लिए घर भी गया था। हालांकि पुलिस के पहुंचने की जानकारी मिलने पर वह वहां से फरार हो गया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। पुलिस आरोपित की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

 

परिवार के लोगों के अनुसार, रामकुमार यादव अपनी अधिकांश पैतृक संपत्ति दोनों बेटों के बीच पहले ही बांट चुके थे। हालांकि कुछ जमीन उन्होंने स्वयं खरीदी थी, जिससे वह और उनकी पत्नी का गुजारा चलता था। यह जमीन उन्होंने बड़े बेटे महेंद्र यादव को बटाई पर दे रखी थी। आरोप है कि महेंद्र खेती की उपज का उचित हिस्सा नहीं देता था। इसी वजह से रामकुमार ने आगे बटाई पर खेती देने से इनकार कर दिया था। बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद और मारपीट होती रहती थी।

 

मृतक की बेटी मालती की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। सहायक पुलिस आयुक्त बक्शी का तालाब विकास पांडेय ने कहा,मृतक रामकुमार की बेटी मालती की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

 

 

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