>राजधानी लखनऊ के रायबरेली रोड स्थित आशीर्वाद सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां 19 वर्षीय प्रिंस यादव की साइनस की सर्जरी के दौरान मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ऑपरेशन के बाद युवक को अचानक हार्ट अटैक आया, वहीं परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की गंभीर लापरवाही के कारण उनकी जान गई। मामले ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
>वृंदावन सेक्टर-16 निवासी प्रिंस यादव गुरुवार को अपनी मां ऊषा देवी, छोटे भाई प्रियांशु और बहन प्रिया के साथ साइनस की सर्जरी कराने रायबरेली रोड स्थित आशीर्वाद सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पहुंचे थे। पिता रामबाबू ने बताया कि डॉक्टरों ने कहा था कि यह सामान्य सर्जरी है और जल्दी पूरी हो जाएगी। लेकिन ऑपरेशन थिएटर में ले जाने के बाद घंटों तक परिवार को कोई जानकारी नहीं दी गई। जब परिजनों ने बार-बार पूछताछ की तो भी नर्सिंग स्टाफ ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। अंततः दो घंटे बाद बेटे की मौत की खबर मिली। रोते-बिलखते पिता रामबाबू का आरोप है कि बेटे की मौत को अस्पताल ने परिजनों से छिपाए रखा। उन्होंने कहा, “डॉक्टरों ने मेरे बेटे को मार डाला। यह एक छोटी सर्जरी थी, लेकिन उनकी लापरवाही ने मेरे परिवार का सहारा छीन लिया। मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से न्याय की मांग करूंगा।”
>प्रिंस यादव न सिर्फ पढ़ाई-लिखाई में अच्छा था बल्कि भोजपुरी फिल्मों में भी सक्रिय था। हाल ही में वह गोमती नगर में एक फिल्म की शूटिंग कर रहा था और उसमें अहम किरदार निभा रहा था। घर की आर्थिक जिम्मेदारी भी वह खुद संभाल रहा था। पिता की बीमारी के बाद परिवार की रोज़ी-रोटी का बोझ भी उसी ने उठाया।परिवारजन बताते हैं कि प्रिंस खुशमिजाज और व्यवहारिक स्वभाव का था। वह अक्सर कहता था कि फिल्मों में कामयाबी पाकर माता-पिता को सभी सुख-सुविधाएं दूंगा। लेकिन एक सामान्य सर्जरी उसकी जिंदगी की आखिरी कहानी बन गई।
>अस्पताल संचालक रवि श्रीवास्तव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी हो गई थी। ऑपरेशन के बाद प्रिंस को होश भी आ गया था। लेकिन अचानक हार्ट अटैक आने से उसकी स्थिति बिगड़ गई और तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।
>मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने एसीएमओ डॉ. एपी सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। इसमें एक ईएनटी विशेषज्ञ भी शामिल किया गया है। कमेटी को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। सीएमओ ने कहा कि यदि जांच में लापरवाही साबित होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
>युवक की मौत के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। सूचना पर पुलिस पहुंची और किसी तरह स्थिति को शांत कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, परिजनों ने एसजीपीजीआई थाने में अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। परिवारजन ने बताया कि सर्जरी से पहले प्रिंस काफी उत्साहित था। उसने अस्पताल के बाहर खड़े होकर अपनी एक सेल्फी भी खींची थी। चेहरे पर मुस्कान लिए वह इस बात से अनजान था कि यह उसकी आखिरी तस्वीर होगी।
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