राजधानी लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र स्थित रायबरेली रोड के सरथुवा गांव में शुक्रवार को पुरानी रंजिश खूनी संघर्ष में बदल गई। दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में 27 वर्षीय युवक अभिषेक रावत की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जबकि दूसरे पक्ष का एक युवक भी घायल हुआ है। पुलिस ने मृतक की मां की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की हैं।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान जगतखेड़ा निवासी अभिषेक रावत के रूप में हुई है, जो शटरिंग का काम करता था। घटना में उसर बरौली निवासी अखिलेश रावत भी घायल हुआ है, जिसका इलाज सिविल अस्पताल में चल रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
परिजनों के मुताबिक, अभिषेक शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे घर से काम पर जाने के लिए निकला था। उसकी मां पुष्पा का आरोप है कि दोपहर के समय किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर उसे सरथुवा गांव बुलाया। इसके बाद वहां पहले से मौजूद लोगों ने उस पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल अभिषेक को इलाज के लिए एपेक्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो पक्षों के बीच विवाद के दौरान जमकर मारपीट हुई। इस दौरान पथराव के साथ कई राउंड फायरिंग होने की भी बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बाइक सवार मौके पर पहुंचे थे और करीब आधे घंटे तक गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अभिषेक के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं। वह काफी देर तक घटनास्थल पर घायल अवस्था में पड़ा रहा। घटना के बाद दहशत के कारण आसपास के लोग अपने घरों में चले गए।
पीजीआई थाने में दर्ज कराई गई तहरीर में मृतक की मां ने आरोप लगाया है कि घटनास्थल पर पहले से मौजूद अखिलेश रावत, अमन रावत, राधे, अरुण रावत, सचिन रावत, अपीन लोधी, राजू समेत अन्य लोगों ने कुल्हाड़ी, कलछुल और लाठी-डंडों से हमला कर अभिषेक की हत्या कर दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एडीसीपी दक्षिण आर. वसंत कुमार ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच पुलिस टीमों का गठन किया गया है और सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद सरथुवा गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव और एपेक्स ट्रॉमा सेंटर परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए हुए है।
परिजनों का कहना है कि आरोपी पक्ष से अभिषेक का करीब डेढ़ वर्ष पहले मीट की दुकान लगाने को लेकर विवाद हुआ था। परिवार का आरोप है कि उसी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया।
परिजनों ने यह भी दावा किया कि मुख्य आरोपी अखिलेश रावत के खिलाफ विभिन्न थानों में पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह पूर्व में जिला बदर भी किया जा चुका है। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है और मामले की जांच जारी है।
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