राजधानी लखनऊ के रहीमाबाद थाने में तैनात एक दरोगा का रिश्वत मांगने से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने तत्काल कार्रवाई की है। करीब 50 सेकंड के वायरल वीडियो में दरोगा कथित तौर पर "एक लाख रुपये में बात तय" होने का जिक्र करते सुनाई दे रहे हैं। मामला सामने आने के बाद डीसीपी नॉर्थ गोपाल चौधरी ने दरोगा गुड्डू प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच एसीपी अलीगंज को सौंपी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद उसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची। प्रथम दृष्टया मामला गंभीर प्रतीत होने पर विभागीय कार्रवाई करते हुए संबंधित दरोगा को निलंबित कर दिया गया। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, माल थाना क्षेत्र के करेंद गांव निवासी विष्णु कुमार द्विवेदी ने आरोप लगाया है कि उनके भाई संतोष कुमार द्विवेदी वर्ष 2023 से लापता हैं और उनकी गुमशुदगी माल थाने में दर्ज है।
इसी दौरान वर्ष 2026 में बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक की शिकायत पर संतोष कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मुकदमा रहीमाबाद थाने में दर्ज किया गया। इस मामले की विवेचना दरोगा गुड्डू प्रसाद के पास थी।
शिकायतकर्ता विष्णु कुमार द्विवेदी का आरोप है कि विवेचना के दौरान दरोगा लगातार उनके परिवार पर दबाव बना रहे थे। उनका कहना है कि मुकदमे में राहत दिलाने के नाम पर पहले डेढ़ लाख रुपये की मांग की गई।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कथित तौर पर रकम को लेकर बातचीत सुनाई देती है, जिसमें "एक लाख रुपये में बात तय" होने जैसी चर्चा सामने आती है। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त को लिखित शिकायत भी दी है।
विष्णु कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि 17 मई को दरोगा उनके बेटे शांतनु को घर से थाने ले गए, जहां उसके साथ मारपीट की गई। उनका दावा है कि बाद में 25 हजार रुपये लेने के बाद उसे छोड़ा गया। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि फिलहाल जांच के अधीन है।
रहीमाबाद थाना प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी नॉर्थ ने दरोगा गुड्डू प्रसाद को निलंबित कर दिया है। पूरे प्रकरण की जांच अब एसीपी अलीगंज करेंगे। जांच पूरी होने के बाद विभागीय और कानूनी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान वायरल वीडियो, शिकायतकर्ता के आरोप, उपलब्ध दस्तावेज और अन्य संबंधित साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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