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ओमैक्स सिटी के फ्लैट में चल रहा था विदेशी कॉल के जरिए साइबर ठगी का खेल, लखनऊ पुलिस ने मारा छापा; 7 गिरफ्तार

सुशांत गोल्फ सिटी में फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का खुलासा, कंप्यूटर, मोबाइल और डिजिटल उपकरण जब्त; नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी
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Bureau News Desk
17 Jul 2026
06:41 PM
1 min read
ओमैक्स सिटी के फ्लैट में चल रहा था विदेशी कॉल के जरिए साइबर ठगी का खेल, लखनऊ पुलिस ने मारा छापा; 7 गिरफ्तार
हाइलाइट्स
लखनऊ के ओमैक्स सिटी में चल रहे फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का खुलासा।
क्राइम ब्रांच की छापेमारी में सात आरोपी गिरफ्तार।
देश और विदेश के लोगों को फोन कर साइबर ठगी करने का आरोप।
कंप्यूटर, मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद।

राजधानी लखनऊ में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में संचालित एक कथित फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार, ओमैक्स सिटी स्थित एक फ्लैट से संचालित इस कॉल सेंटर के माध्यम से देश और विदेश के लोगों को फोन कर साइबर ठगी की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र की ओमैक्स सिटी में एक फ्लैट से अवैध रूप से कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर गुरुवार देर रात पुलिस टीम ने छापेमारी की। मौके से कई लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनसे पूछताछ के बाद सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कॉल सेंटर के माध्यम से लोगों को अलग-अलग तरीकों से साइबर ठगी का निशाना बनाया जाता था। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि ठगी के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था और अब तक कितने लोग इस गिरोह का शिकार बने हैं।

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पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पुनीत वर्मा और देवेंद्र पटेल को इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख संचालक माना जा रहा है। दोनों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने कॉल सेंटर से कंप्यूटर, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। इन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की तकनीकी और फोरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि साइबर ठगी के तरीके, इस्तेमाल किए गए डिजिटल प्लेटफॉर्म और संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा सके।

जांच एजेंसियां बरामद उपकरणों में उपलब्ध डाटा के आधार पर यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गिरोह का नेटवर्क किन राज्यों या देशों तक फैला हुआ था और इसमें कितने लोग सक्रिय थे।

पुलिस का कहना है कि फिलहाल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन जांच अभी जारी है। बरामद डिजिटल साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि कॉल सेंटर कितने समय से संचालित हो रहा था और इसके माध्यम से कितने लोगों को निशाना बनाया गया।

पुलिस उपायुक्त (अपराध) अनिल कुमार यादव ने बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में संचालित एक फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का खुलासा किया गया है। इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मौके से बरामद डिजिटल उपकरणों की जांच की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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