राजधानी में भवन निर्माण से जुड़े लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने भवन मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को और सरल बना दिया है। अब 7.5 मीटर चौड़ी शासकीय सड़क के किनारे भी भवनों के नक्शे पास किए जाएंगे। इससे उन हजारों लोगों को फायदा होगा, जिन्हें अब तक प्रमाण पत्र लेने की जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था।
एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने आर्किटेक्ट्स के साथ बैठक कर नई व्यवस्था लागू करने की घोषणा की। इसके तहत अब सड़क शासकीय विभाग द्वारा निर्मित है या नहीं, इसका सत्यापन संबंधित आर्किटेक्ट ही कर सकेंगे। पहले आवेदकों को इसके लिए संबंधित विभाग से प्रमाण पत्र लेना पड़ता था, जिससे नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में काफी विलंब होता था।
एलडीए ने स्पष्ट किया कि नक्शे पर आपत्ति या त्रुटि पाए जाने की स्थिति में आर्किटेक्ट की जिम्मेदारी तय होगी। साथ ही, आर्किटेक्ट्स द्वारा वार्षिक रूप से जमा किए जाने वाले नक्शों की समीक्षा भी की जाएगी। उपाध्यक्ष ने यह भी निर्देश दिया है कि अब एलडीए भवन मानचित्रों के लिए आवेदक से साइट प्लान नहीं मांगेगा। यह कार्य प्राधिकरण के मानचित्र अनुभाग द्वारा किया जाएगा।
नई व्यवस्था लागू होने से अब भवन मानचित्र पास कराने की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक पारदर्शी और तेज हो जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे लखनऊ में आवासीय और वाणिज्यिक परियोजनाओं को गति मिलेगी। एलडीए की इस पहल को शहर के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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