>लखनऊ से कानपुर की दूरी अब और भी आसान होने वाली है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को इस तरह डिजाइन किया है कि बीच रास्ते पर कहीं भी टोल प्लाजा नहीं होगा। नतीजा यह होगा कि गाड़ियां बिना ब्रेक लिए 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से फर्राटा भर सकेंगी और महज 40-45 मिनट में कानपुर पहुंचा जा सकेगा।
>विशेष बात यह है कि इस एक्सप्रेसवे को केवल पाँच जगहों पर ही राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा गया है और वहीं टोल प्लाजा बनाए गए हैं। इसमें पहला टोल मीरणपुर पिनवट, दूसरा खंडेदेव, तीसरा बनी, चौथा उन्नाव-लालगंज के पास अमरसस गांव और पाँचवां कानपुर के आज़ाद नगर में होगा। यहां पर वाहनों के चढ़ने-उतरने के लिए इंटरसेक्शन भी बनाए जा रहे हैं।
>NHAI का मानना है कि बीच-बीच में टोल होने से वाहनों की गति पर ब्रेक लगता है और सफर लंबा हो जाता है। यही कारण है कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को ‘नो-मिड टोल ज़ोन’ के रूप में विकसित किया गया है।
>हालांकि, इस एक्सप्रेसवे पर टोल दरें सामान्य राष्ट्रीय राजमार्ग की तुलना में करीब सवा गुना अधिक होंगी। प्रस्तावित दरों के अनुसार, लाइट मोटर वाहन के लिए एकतरफा यात्रा पर 125 रुपये और वापसी यात्रा पर 181 रुपये, जबकि मिनी बस या हल्के वाहनों से 200 रुपये और 294 रुपये तक वसूले जाएंगे। बड़े वाहनों, ट्रकों और ओवरसाइज्ड गाड़ियों के लिए यह दरें और भी अधिक होंगी।
>एनएचएआई अधिकारियों के मुताबिक, यह टोल दरें नवाबगंज टोल से 25 प्रतिशत अधिक रखी गई हैं। भविष्य में दरों में आंशिक कमी की संभावना भी जताई गई है, ताकि इसे राष्ट्रीय मानकों से संतुलित किया जा सके।
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