नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को व्यापक राजनीतिक गतिविधि देखने को मिली। ‘जन आक्रोश पदयात्रा’ के तहत बड़ी संख्या में महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे और प्रदर्शनकारियों ने विपक्ष पर संसद में बिल का विरोध करने का आरोप लगाया
इस पदयात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य शामिल हुए। इसके अलावा पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, राज्यसभा सांसद अरुण सिंह और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी भी पदयात्रा का हिस्सा बने। हजारों महिलाओं की भागीदारी के साथ निकाली गई इस पदयात्रा में प्रदर्शनकारियों ने विपक्षी दलों के खिलाफ नारेबाजी की और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में आवाज उठाई।
पदयात्रा में शामिल महिलाओं और नेताओं ने आरोप लगाया कि 17 अप्रैल को संसद में यह विधेयक पारित होने वाला था, लेकिन विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मतदान के दौरान बिल को गिराए जाने के बाद विपक्षी दलों ने खुशी भी जताई, जिसे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ बताया गया।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सपा पर हमला करते हुए कहा कि आज प्रदेश की महिला शक्ति सड़कों पर है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की दुरभि संधि और संकीर्ण मानसिकता के कारण नारी शक्ति वंदन अधिनियम को संसद में रोकने का काम किया गया है। आज उत्तर प्रदेश की आक्रोशित बहनें सड़क पर निकलकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का बैंड बजाने का काम कर रही हैं। इन पार्टियों को आने वाले चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। हम सब अच्छी तरह जानते हैं कि समाजवादी पार्टी की सरकार जब-जब प्रदेश में होती है, गुंडे-बदमाश खुलेआम बहन-बेटियों को परेशान करने का काम करते हैं। इसीलिए नारे लगते हैं, 'देख सपाई-बिटिया घबराई'। वक्त है कि सब एकजुट होकर सपा व कांग्रेस को महिला शक्ति का अहसास कराएं। मां दुर्गा, मां काली, मां सरस्वती बनकर विपक्षियों को सबक सिखाएं।
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