शहीद पथ बनेगा लखनऊ का ‘मिनी मुंबई’, शुरू हुआ ऊंची इमारतों का दौर

News Desk 26 Jun 2025, 10:25 PM 1 min read
शहीद पथ बनेगा लखनऊ का ‘मिनी मुंबई’, शुरू हुआ ऊंची इमारतों का दौर


>लखनऊ अब दिल्ली, मुंबई और नोएडा जैसे महानगरों की तर्ज पर ऊंची इमारतों के नए युग में प्रवेश कर चुका है। शहीद पथ के किनारे जल्द ही 38 से 42 मंजिला टॉवर्स लखनऊ की स्काईलाइन को नया रूप देने जा रहे हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने इस दिशा में तीन निजी हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है, जिनमें से दो में निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है।


>इस परिवर्तन की सबसे अहम वजह है एफएआर (फ्लोर एरिया रेश्यो) नीति में किया गया बड़ा संशोधन। पहले जहां एफएआर की सीमा 2.5 थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर अधिक निर्माण क्षेत्र की अनुमति दी गई है। इसका अर्थ है कि एक ही भूखंड पर अब दोगुना निर्माण किया जा सकेगा, जिससे मल्टीस्टोरी बिल्डिंग्स की नई लहर चल पड़ी है।


>फ्लोर एरिया रेश्यो (FAR) तय करता है कि किसी प्लॉट पर अधिकतम कितना निर्माण हो सकता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी प्लॉट का आकार 1000 वर्ग मीटर है और एफएआर 2.0 है, तो वहां 2000 वर्ग मीटर तक का निर्माण संभव होगा। नए नियमों के तहत अब बिल्डरों को 35 से 42 मंजिला इमारतें बनाने की इजाज़त दी जा रही है


>LDA की यह नई एफएआर नीति शहीद पथ, गोमती नगर और विभूति खंड जैसे हाई-डिमांड क्षेत्रों में लागू की गई है। इन इलाकों में रेजिडेंशियल और कमर्शियल दोनों तरह की गगनचुंबी इमारतों की भारी मांग है। हाईराइज बिल्डिंग्स अब इन क्षेत्रों की पहचान बनने वाली हैं।


>LDA ने कुछ मामलों में अतिरिक्त एफएआर की भी छूट दी है  मगर इसकी शर्तें सख्त हैं।

जैसे:

  • पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीक अपनाना
  • ग्रीन बिल्डिंग मानकों का पालन
  • सौर ऊर्जा का उपयोग
  • रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था
  • और आग से सुरक्षा, पर्याप्त पार्किंग, तथा अन्य आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित करना


>इन मानकों को अपनाने पर बिल्डरों को अतिरिक्त निर्माण की अनुमति दी जा रही है। इसका उद्देश्य है  स्मार्ट, सुरक्षित और सतत विकास।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?