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लखनऊ में 300 से ज्यादा चोरियों से जुड़ा आरोपी गिरफ्तार, ऐसे करता था वारदात

ट्रेन के सामान्य डिब्बे, ऑटो और ई-रिक्शा में यात्रियों को निशाना बनाने का तरीका सामने आया; जौनपुर से जुड़े नेटवर्क की भी तलाश।
Bureau
Bureau News Desk
12 Sep 2026
12:13 PM
1 min read
लखनऊ में 300 से ज्यादा चोरियों से जुड़ा आरोपी गिरफ्तार, ऐसे करता था वारदात
हाइलाइट्स
चारबाग रेलवे स्टेशन के पास अंतरराज्यीय चोर गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार किए गए।
पुलिस के मुताबिक, संदीप सुधाकर तिजोरे गिरोह का सरगना है और 2009 से चोरी की घटनाओं में सक्रिय रहा है।
पुलिस जांच में आरोपी के 300 से अधिक चोरी की वारदातों से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।
आरोपियों के कब्जे से 1.24 लाख रुपये और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद हुई।

लखनऊ। चारबाग रेलवे स्टेशन और आसपास यात्रियों की जेब से रुपये और कीमती सामान चोरी करने के आरोप में पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, महाराष्ट्र के अहमदनगर निवासी संदीप सुधाकर तिजोरे इस गिरोह का सरगना है और वह वर्ष 2009 से चोरी की घटनाओं में सक्रिय रहा है। जांच में उसके 300 से अधिक चोरी की वारदातों से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।

क्राइम ब्रांच ने बुधवार को चारबाग रेलवे स्टेशन के पास कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें महाराष्ट्र के अहमदनगर निवासी संदीप सुधाकर तिजोरे, सोनभद्र निवासी अरविंद गुप्ता, नासिक निवासी कुनाल विलास सिरसाठ, मुंबई निवासी जावेद अख्तर और गोंडा निवासी सोनू शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.24 लाख रुपये और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद की है। पुलिस के अनुसार संदीप को गिरोह का सरगना और जावेद अख्तर को उसका प्रमुख सहयोगी बताया गया है।

पुलिस की जांच के मुताबिक संदीप सुधाकर तिजोरे वर्ष 2009 से चोरी की घटनाओं में सक्रिय था। उसके खिलाफ मुंबई और महाराष्ट्र के कई रेलवे थाना क्षेत्रों में चोरी के मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस को मिली है। इन मामलों में कुर्ला, मानखुर्द, वडाला, नासिक रोड और ठाणे के रेलवे थाना क्षेत्रों से जुड़े मामले शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी का आपराधिक नेटवर्क अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय रहा है।

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पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि संदीप अलग-अलग जिलों में युवकों को अपने साथ जोड़ता था। इसके बाद उन्हें चोरी करने का तरीका सिखाकर गिरोह के साथ अलग-अलग रेलवे स्टेशनों और आसपास के इलाकों में सक्रिय किया जाता था। पुलिस अब उन लोगों की भी तलाश कर रही है, जिन्हें इस नेटवर्क से जोड़ा गया था। पूछताछ में पुलिस के सामने गिरोह के वारदात करने का तरीका भी आया है। पुलिस के मुताबिक, ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही गिरोह के सदस्य भीड़ में शामिल हो जाते थे।

इसके बाद वे सामान्य डिब्बे में यात्रियों के बीच बैठकर ऐसे व्यक्ति की तलाश करते थे, जिसे निशाना बनाया जा सके। मौका मिलते ही धक्का-मुक्की और भीड़ का फायदा उठाकर यात्री की जेब से रुपये या अन्य कीमती सामान निकाल लिया जाता था। पुलिस के अनुसार, यात्री का ध्यान दूसरी तरफ करना गिरोह के लिए चोरी का एक प्रमुख तरीका था। भीड़भाड़ वाले रेलवे स्टेशन और ट्रेन के सामान्य डिब्बे में यात्रियों के बीच मौजूदगी का फायदा उठाकर आरोपी वारदात को अंजाम देते थे।

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जांच में सामने आया कि गिरोह की गतिविधियां केवल रेलवे स्टेशन या ट्रेनों तक सीमित नहीं थीं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ऑटो और ई-रिक्शा में यात्री बनकर भी चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। यात्रियों के बीच घुल-मिलकर मौका तलाशना और ध्यान भटकने पर जेब से रुपये या सामान निकालना गिरोह के बताए गए तरीकों में शामिल था। इस मामले में पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उनके नेटवर्क और अन्य संभावित सदस्यों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह किसी रेलवे स्टेशन और उसके आसपास लंबे समय तक सक्रिय नहीं रहता था। एक स्टेशन या इलाके में करीब एक सप्ताह तक सक्रिय रहने के बाद गिरोह दूसरे स्थान पर चला जाता था। पुलिस की जांच के अनुसार, संदीप जिन युवकों को अपने साथ जोड़कर चोरी का तरीका सिखाता था, उन्हें अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय किया जाता था। इस तरह गिरोह की गतिविधियां अलग-अलग जिलों और राज्यों तक फैली हुई थीं। पुलिस ने यह भी बताया कि अगर गिरोह का कोई सदस्य जीआरपी की कार्रवाई में जेल भेजा जाता था, तो वह अधिवक्ताओं की मदद से जल्दी बाहर आने के बाद दोबारा सक्रिय हो जाता था।

पुलिस के अनुसार, संदीप सुधाकर तिजोरे के खिलाफ वर्ष 2009 से मुंबई और महाराष्ट्र के कई रेलवे थाना क्षेत्रों में चोरी के मामले दर्ज हैं। जांच में कुर्ला, मानखुर्द, वडाला, नासिक रोड और ठाणे जैसे रेलवे थाना क्षेत्रों से जुड़े मामलों की जानकारी सामने आई है। इससे पुलिस उसके पुराने मामलों और मौजूदा नेटवर्क के बीच संबंधों की जांच कर रही है। वहीं, गिरोह के एक अन्य आरोपी जावेद अख्तर के खिलाफ भी मुंबई रेलवे से संबंधित वर्ष 2025 का एक मामला सामने आया है।

पुलिस की जांच अब गिरोह के दूसरे सदस्यों और उसके नेटवर्क तक पहुंचने पर केंद्रित है। अपर पुलिस उपायुक्त अपराध किरन यादव के मुताबिक, गिरोह के तार जौनपुर के कुछ युवकों से जुड़े होने की जानकारी मिली है। इन युवकों की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। जीआरपी की मदद से उन लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है, जो संदीप द्वारा अलग-अलग जिलों में तैयार किए गए नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और उनकी भूमिका के संबंध में भी जांच जारी है।

बुधवार को क्राइम ब्रांच ने चारबाग रेलवे स्टेशन के पास कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। आरोपियों की पहचान संदीप सुधाकर तिजोरे, अरविंद गुप्ता, कुनाल विलास सिरसाठ, जावेद अख्तर और सोनू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इनमें संदीप को गिरोह का सरगना और जावेद को उसका प्रमुख सहयोगी बताया गया है। आरोपियों के पास से 1.24 लाख रुपये और एक स्कूटी बरामद होने की जानकारी दी गई है।

एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने बताया कि सूचना के आधार पर गिरोह को पकड़ा गया। उन्होंने कहा कि आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी को जानकारी दी गई है और पुलिस की टीम भी मामले में लगी हुई है। पुलिस अब जौनपुर समेत अन्य जिलों में गिरोह से जुड़े संभावित सदस्यों की तलाश कर रही है। साथ ही संदीप द्वारा अलग-अलग जिलों में तैयार किए गए नेटवर्क के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

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