लखनऊ में रात का खूनी ड्रामा: प्रेमिका के लिए ड्राइवर बना बलि का बकरा

News Desk 16 Jun 2025, 12:10 AM 1 min read
लखनऊ में रात का खूनी ड्रामा: प्रेमिका के लिए ड्राइवर बना बलि का बकरा


>रिश्तों की उलझनों और निजी रंजिश ने एक बार फिर खून से सना रूप ले लिया। लखनऊ के रहीमाबाद थाना क्षेत्र के गांव मवई कला में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात दिल दहला देने वाली घटना घटी, जब दो बदमाशों ने सोते समय घर में घुसकर एक कार ड्राइवर संजय की बांके से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस हत्याकांड के तार प्रेम-प्रसंग और पारिवारिक विवाद से जुड़े पाए गए हैं।

कैसे हुआ खूनी खेल?


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>घटना रात करीब 2 बजे की है। संजय अपने घर में परिवार के साथ सो रहा था। अचानक किसी ने दरवाजा खटखटाया। मां ने दरवाजा खोला तो बाहर खड़े दो लोगों ने उनका गला दबा दिया। शोर सुनकर संजय भागकर आया, तभी हमलावरों ने उस पर चारा काटने वाले तेज बांके से हमला कर दिया। हमले के दौरान संजय जान बचाने की कोशिश में रसोई और फिर बाहर की ओर भागा, लेकिन हमलावर पीछा करते रहे और अंततः उसे नहर तक घसीटकर मार डाला।


>‘बोटी-बोटी काट दो’— दर्दनाक चीखें और ममता की गुहार


>मृतक की मां की माने तो हमलावरों में से एक बार-बार कह रहा था, “बोटी-बोटी काट दो इसे।” मां अपने बेटे को बचाने के लिए हमलावरों के आगे हाथ जोड़ती रही, लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी। इस वीभत्स हत्या ने पूरे गांव को दहला दिया है।


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प्रेम-प्रसंग बना मौत की वजह?


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>पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक संजय की शादी ठाकुरगंज के बरौरा गांव की रानी से हुई थी। लेकिन वह अपनी बचपन की प्रेमिका मीरा से भी संपर्क में था। मीरा की शादी सुनील नामक युवक से हो चुकी थी, जो संजय को आए दिन धमकाता था। इसी रंजिश में सुनील और उसके साथियों ने मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस ने संजय की प्रेमिका मीरा के पति सुनील समेत 4 लोगों को हिरासत में लिया है और पूछताछ जारी है।

मासूमों का दर्द— अब कौन होगा सहारा?


>संजय अपने चार भाइयों में सबसे छोटा था और परिवार का मुख्य कमाऊ सदस्य भी था। उसके तीन छोटे बेटे— अजीत (10), अनुराग (8) और अतुल (6) हैं। अब वे पिता की छाया से हमेशा के लिए वंचित हो गए हैं। पत्नी रानी मायके में रह रही थी और प्रेमिका मीरा का भी एक 18 वर्षीय बेटा है।

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