लखनऊ। अयोध्या और सुलतानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के लिए तीन अंडरपास बनाने की परियोजना पर काम आगे बढ़ा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), लखनऊ की ओर से संशोधित परियोजना की फाइल केंद्रीय वित्त मंत्रालय को दोबारा अनुमोदन के लिए भेजी गई है। संशोधित परियोजना की अनुमानित लागत 240 करोड़ रुपये है। पहले इस परियोजना की लागत करीब 100 करोड़ रुपये थी।
प्रस्ताव के तहत अयोध्या रोड पर दो और सुलतानपुर रोड पर एक अंडरपास बनाया जाना है। इसके अलावा अयोध्या रोड से सुलतानपुर रोड तक बने किसान पथ के किनारे करीब 22 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड का निर्माण भी इसी बजट में शामिल किया गया है।
एनएचएआई के मुताबिक परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद अंडरपास का निर्माण जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, किसान पथ की सर्विस रोड को दिसंबर 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य है।
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प्रस्तावित योजना में अयोध्या रोड पर दो अंडरपास और सुलतानपुर रोड पर जलसा रिसार्ट के पास एक अंडरपास शामिल है। इन अंडरपास का उद्देश्य संबंधित मार्गों पर यातायात के संचालन को सुगम बनाने के साथ वाहनों के आवागमन के लिए अतिरिक्त रास्ता उपलब्ध कराना है।
एनएचएआई के अनुसार अयोध्या और वाराणसी की ओर जाने वाले मार्गों पर श्रद्धालुओं और अन्य वाहनों की आवाजाही को देखते हुए करीब डेढ़ साल पहले इन अंडरपास का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसके बाद परियोजना से जुड़ी कागजी प्रक्रिया चल रही थी।
अब परियोजना के डिजाइन में भी बदलाव किया गया है। अंडरपास के साथ एप्रोच रोड को भी योजना में शामिल किया गया है। इसी बदलाव के कारण परियोजना की अनुमानित लागत बढ़कर 240 करोड़ रुपये हो गई है।
प्रस्तावित अंडरपास में से संबंधित अंडरपास करीब 100 मीटर लंबा और चार लेन का होगा। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार आउटर रिंग रोड पर बख्शी का तालाब की दिशा से आने वाले हल्के और भारी वाहन अयोध्या रोड पर सीधे जा सकेंगे। यदि इन वाहनों को यू-टर्न लेना होगा, तो वे प्रस्तावित अंडरपास के जरिए निकल सकेंगे। इसके दोनों ओर एप्रोच रोड का प्रावधान किया गया है।
यह अंडरपास गोयल हाइट्स के आसपास प्रस्तावित है। इसकी संरचना इस तरह तैयार करने की योजना है कि सुलतानपुर रोड की दिशा से आने वाला यातायात भी अंडरपास का इस्तेमाल कर सके।
एनएचएआई के मुताबिक प्रस्तावित अंडरपास एक कार शोरूम के पास बनाया जाना है। सड़क के दोनों ओर अंडरपास में आने-जाने के लिए इंटरसेक्शन का निर्माण भी किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित डिजाइन के तहत अंडरपास और संबंधित सड़क संरचना को इस तरह विकसित करने की योजना है कि किसी की जमीन या शोरूम तक पहुंच प्रभावित न हो। परियोजना में एप्रोच रोड को शामिल किए जाने से अंडरपास के आसपास वाहनों के आवागमन की व्यवस्था भी योजना का हिस्सा बन गई है।
एनएचएआई के अनुसार वर्तमान में आउटर रिंग रोड पर प्रतिदिन करीब 60 हजार से अधिक हल्के और भारी वाहनों का आवागमन है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक वाहनों का यह दबाव लगातार बढ़ रहा है।
इसी बढ़ते यातायात को ध्यान में रखते हुए अयोध्या रोड और सुलतानपुर रोड पर अंडरपास का प्रस्ताव तैयार किया गया है। परियोजना के तहत अलग-अलग स्थानों पर अंडरपास विकसित किए जाने हैं, ताकि संबंधित मार्गों पर वाहनों की आवाजाही के लिए अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध हो सकें।
240 करोड़ रुपये की संशोधित परियोजना में अयोध्या रोड से सुलतानपुर रोड तक बने किसान पथ के किनारे सर्विस रोड का निर्माण भी शामिल है। इस सर्विस रोड की चौड़ाई 3.5 मीटर प्रस्तावित है। इसके लिए जमीन का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है। करीब 22 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड को दिसंबर 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
सर्विस रोड बनने के बाद किसान पथ से जुड़े कई गांवों को सड़क संपर्क मिलने की योजना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्तमान में इन गांवों का किसान पथ से सीधा संपर्क नहीं है।
शुरुआत में अंडरपास और संबंधित कार्यों की परियोजना की अनुमानित लागत करीब 100 करोड़ रुपये थी। बाद में डिजाइन में बदलाव किया गया और अंडरपास के साथ एप्रोच रोड को भी परियोजना में शामिल किया गया।
इन बदलावों के बाद परियोजना की लागत बढ़कर 240 करोड़ रुपये हो गई। अगस्त के अंतिम सप्ताह में केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से परियोजना को लेकर कुछ आपत्तियां लगाई गई थीं और फाइल लखनऊ भेजी गई थी।
इसके बाद एनएचएआई, लखनऊ ने आवश्यक संशोधन के साथ 240 करोड़ रुपये की संशोधित परियोजना की फाइल दोबारा अनुमोदन के लिए भेजी है।
परियोजना की मौजूदा स्थिति के अनुसार एनएचएआई केंद्रीय वित्त मंत्रालय से अंतिम स्वीकृति का इंतजार कर रहा है। एनएचएआई की ओर से उम्मीद जताई गई है कि अक्टूबर 2026 के पहले सप्ताह तक वित्त मंत्रालय से अनुमोदन मिल सकता है।
मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। एनएचएआई ने अंडरपास का निर्माण जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
परियोजना के तहत अयोध्या रोड पर दो और सुलतानपुर रोड पर एक अंडरपास बनाया जाना है। इनकी डिजाइन में किए गए बदलाव के तहत अंडरपास के साथ एप्रोच रोड को भी शामिल किया गया है।
एनएचएआई के अनुसार अंडरपास और एप्रोच रोड की व्यवस्था का उद्देश्य वाहनों के आवागमन को परियोजना के डिजाइन के अनुरूप व्यवस्थित करना है। अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए इंटरसेक्शन भी प्रस्तावित किए गए हैं।
एनएचएआई ने परियोजना के विभिन्न हिस्सों के लिए अलग-अलग समयसीमा तय की है। अंडरपास का निर्माण जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं किसान पथ के किनारे प्रस्तावित करीब 22 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड को दिसंबर 2027 तक बनाने की योजना है। इन समयसीमाओं के तहत परियोजना की प्रशासनिक मंजूरी, निर्माण कार्य और संबंधित सड़क सुविधाओं को आगे बढ़ाया जाना है।
एनएचएआई लखनऊ के परियोजना निदेशक नवरत्न के अनुसार किसान पथ के किनारे सर्विस रोड, अयोध्या रोड पर दो और सुलतानपुर रोड पर एक अंडरपास परियोजना का हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि अंडरपास की डिजाइन में बदलाव किया गया है और इसके साथ एप्रोच रोड भी शामिल की गई है। उनके अनुसार इसी वजह से परियोजना की लागत बढ़कर 240 करोड़ रुपये हुई है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय से अक्टूबर 2026 के पहले सप्ताह तक अनुमोदन मिलने की उम्मीद है।
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