सुरक्षा मांगती रही पीड़िता, आरोपी देता रहा धमकी; 1090 पर शिकायत के बावजूद 5 दिन बाद दर्ज हुआ मुक़दमा

युवती का आरोप- शिकायत के बावजूद आरोपी और उसके परिजन घर पहुंचे, शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया - बीबीडी थाने ने की कारवाही में देरी।
Bureau 11 Jun 2026, 01:22 PM 1 min read
सुरक्षा मांगती रही पीड़िता, आरोपी देता रहा धमकी; 1090 पर शिकायत के बावजूद 5 दिन बाद दर्ज हुआ मुक़दमा

 

महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाई गई 1090 हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद एक युवती को उम्मीद थी कि उसे राहत मिलेगी और आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होगी। लेकिन युवती का आरोप है कि शिकायत के बाद हालात सुधरने के बजाय और मुश्किल हो गए। पीड़िता का दावा है कि जिस व्यक्ति के खिलाफ उसने शिकायत की थी, वह अपने भाइयों के साथ उसके घर तक पहुंच गया। इतना ही नहीं, शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया और धमकी दी गई कि अगर मामला आगे बढ़ाया तो उसका "जीना मुश्किल कर दिया जाएगा"। यही आरोप अब राजधानी लखनऊ में महिला सुरक्षा व्यवस्था और शिकायतों पर कार्रवाई की गति को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं।

 

पीड़िता का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद आरोपी के खिलाफ तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच आरोपी और उसके परिजन लगातार उसे परेशान करते रहे। युवती का कहना है कि आरोपी अपने भाइयों के साथ उसके घर के बाहर पहुंचा और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। आरोप है कि इसी दौरान उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई।

 

मामले में एक बड़ा सवाल शिकायत और एफआईआर दर्ज होने के बीच के समय को लेकर उठ रहा है। पीड़िता के अनुसार, उसने 5 जून को 1090 महिला हेल्पलाइन पर शिकायत की थी। हालांकि, बीबीडी थाने में मामला 10 जून को दर्ज किया गया। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि शिकायत के बाद इन पांच दिनों के दौरान क्या कार्रवाई हुई और क्या समय रहते कदम उठाए जाने पर कथित तौर पर दोबारा धमकियों की स्थिति टाली जा सकती थी।

 

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

 

उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090 महिला हेल्पलाइन को एक अहम व्यवस्था माना जाता है। इसका उद्देश्य शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया और पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराना है। ऐसे में लखनऊ से सामने आया यह मामला केवल एक एफआईआर तक सीमित नहीं है, बल्कि शिकायत के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया और सुरक्षा तंत्र की प्रभावशीलता को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है।

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