>लखनऊ विकास प्राधिकरण ने ईडब्ल्यूएस श्रेणी के प्लॉटों पर काबिज लोगों को वैधता देने का फैसला किया है। प्राधिकरण मौजूदा कीमत वसूलकर भूमि की रजिस्ट्री करेगा।
>LDA की इस पहल में कानपुर रोड, मानसरोवर, गोमती नगर सहित कई योजनाओं के वे प्लॉट शामिल हैं, जिन पर मूल आवंटी उपलब्ध न होने की स्थिति में कब्जे से संबंधित विवाद सामने आए थे। प्राधिकरण के अनुसार, पिछले एक वर्ष में ऐसे 100 से अधिक मामले सामने आए हैं, जिनमें आवंटन न मिलने या प्रक्रियागत देरी के कारण लोग वर्षों से प्लॉट पर काबिज हैं। नई व्यवस्था के तहत, कब्जे में बैठे व्यक्तियों से निर्धारित कीमत वसूलने के बाद उन्हें वैध मालिकाना हक दिया जाएगा। इससे अवैध कब्जेदारों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।
>इसके साथ ही महंगी व्यावसायिक संपत्तियों के उन आवंटियों को भी राहत मिलेगी, जिनके आवंटन बकाया जमा न होने के कारण निरस्त हो गए थे। बकाया राशि चुकाने पर ऐसे आवंटन बहाल किए जाएंगे। प्राधिकरण का मानना है कि यह कदम लंबित विवादों को सुलझाने और योजना प्रक्रियाओं को सुचारू करने में सहायक होगा।
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