3 दशक पत्रकारिता के बाद नई पारी, रामनगर के योग दिवस आयोजन से क्यों बढ़ी केपी तिवारी की चर्चा?

बाराबंकी और लखनऊ में लंबे समय तक पत्रकारिता से जुड़े रहे केपी तिवारी अब सार्वजनिक और राजनीतिक गतिविधियों में बढ़ती सक्रियता के कारण चर्चा में हैं।
Bureau 22 Jun 2026, 03:50 PM 1 min read
3 दशक पत्रकारिता के बाद नई पारी, रामनगर के योग दिवस आयोजन से क्यों बढ़ी केपी तिवारी की चर्चा?

 

तीन दशक से अधिक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहने के बाद केपी तिवारी अब एक नई भूमिका में दिखाई दे रहे हैं। रामनगर विधानसभा क्षेत्र में उनकी बढ़ती सक्रियता और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर महादेवा ऑडिटोरियम में आयोजित बड़े कार्यक्रम के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में उनकी चर्चा तेज हो गई है।

 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर महादेवा ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी देखने को मिली। कार्यक्रम में चंद्रशेखर पांडेय अवध क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजीव मिश्रा के साथ भाजपा के स्थानीय नेता और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सतीश चंद्र शर्मा भी शामिल हुए। राजनीतिक जानकारों की नजर इस बात पर भी रही कि लंबे समय तक पत्रकारिता से जुड़े रहने के बाद केपी तिवारी अब सार्वजनिक जीवन में अधिक सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।

 

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केपी तिवारी का नाम लखनऊ और बाराबंकी में लंबे समय तक पत्रकारिता से जुड़ा रहा है। उन्होंने दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे संस्थानों में काम किया और विभिन्न प्रशासनिक तथा सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। स्थानीय स्तर पर कई लोगों का मानना है कि उनके प्रयासों के माध्यम से अनेक जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ मिलने में मदद मिली।

 

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जानकारी के अनुसार, केपी तिवारी छात्र और युवा राजनीति के दौर से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं। वर्ष 1992 में वे भाजपा लखनऊ युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष बने थे, जबकि 1993 में उन्हें भाजपा लखनऊ जिला मंत्री की जिम्मेदारी दी गई। इसी दौरान उन्होंने कई चुनावी अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाई। हालांकि, वर्ष 1994 में उन्होंने पत्रकारिता को अपना प्रमुख कार्यक्षेत्र बना लिया और अगले तीन दशकों से अधिक समय तक इसी क्षेत्र में सक्रिय रहे।

 

रामनगर में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम के बाद एक बार फिर उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं। राजनीतिक हलकों में इस आयोजन को उनकी बढ़ती सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, भविष्य में उनकी भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।

 

महादेवा ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के कई स्थानीय नेताओं के साथ मंत्री सतीश चंद्र शर्मा की मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। इसी वजह से यह आयोजन केवल योग दिवस कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी इसकी चर्चा होती रही।

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