योग और अनुसंधान में अग्रणी बना केजीएमयू का रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग

News Desk 11 Jun 2025, 03:14 AM 1 min read
योग और अनुसंधान में अग्रणी बना केजीएमयू का रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग


>अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 के उपलक्ष्य में किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग में योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष योग दिवस की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” है, जिसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने सामूहिक योग और प्राणायाम का अभ्यास कराया।


>कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त ने की, जिनके साथ योग विशेषज्ञ डॉ. श्रुति अग्निहोत्री और योग प्रशिक्षक श्री संजीव त्रिवेदी ने प्रतिभागियों को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी व भस्त्रिका जैसे प्रमुख प्राणायामों का अभ्यास कराया।


>डॉ. सूर्यकान्त ने बताया कि योग न केवल मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि अस्थमा जैसे रोगों के प्रबंधन में भी इसकी महती भूमिका है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उनके विभाग द्वारा योग व नेचुरोपैथी पर किए गए 25 से अधिक शोध पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं।


>विशेष रूप से डॉ. श्रुति अग्निहोत्री द्वारा अस्थमा और योग पर किया गया शोध कार्य विश्व का प्रथम अनुसंधान रहा है, जिसे प्रतिष्ठित चार्ल्स रिके पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार इंडियन कॉलेज ऑफ एलर्जी, अस्थमा एंड एप्लाइड इम्यूनोलॉजी द्वारा प्रदान किया गया।


>वर्तमान में विभाग में जलनेति क्रिया पर अनुसंधान कार्य चल रहा है, जिसे इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा अनुदानित किया गया है।


>इस अवसर पर विभाग के डॉक्टर आर.एस. कुशवाहा, संतोष कुमार, अजय कुमार वर्मा, आनंद श्रीवास्तव, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, स्वास्थ्यकर्मी एवं धन्वंतरि सेवा न्यास के संतोष पटेल भी मौजूद रहे।

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